Sawan 2026 First Somwar: भगवान शिव को समर्पित सावन का महीना धार्मिक दृष्टि से बेहद पवित्र माना जाता है। इस वर्ष सावन 2026 में कुल चार सोमवार पड़ रहे हैं और पहला सावन सोमवार श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस दिन कई शुभ योगों का संयोग बन रहा है, जिससे शिव पूजा और व्रत का महत्व और बढ़ गया है। मान्यता है कि सावन के सोमवार को श्रद्धा और विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा करने पर मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
पहले सावन सोमवार का विशेष महत्व
सावन का पहला सोमवार भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत रखते हैं, शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं और बेलपत्र, धतूरा, आक का फूल, सफेद चंदन तथा भांग अर्पित कर भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन की गई पूजा से वैवाहिक जीवन, स्वास्थ्य, करियर और परिवार से जुड़ी परेशानियों में सकारात्मक परिणाम मिलने की मान्यता है।
6 शुभ योगों का बन रहा है संयोग
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार पहले सावन सोमवार पर कई शुभ ग्रह स्थितियां और योग बन रहे हैं, जो पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों के लिए अनुकूल माने जाते हैं। इन शुभ योगों में भगवान शिव की आराधना करने से पूजा का फल कई गुना बढ़ने की मान्यता है। यही कारण है कि इस बार पहला सावन सोमवार विशेष आध्यात्मिक महत्व लेकर आया है।
इन 3 मुहूर्तों में करें शिव पूजा
सावन सोमवार पर पूजा के लिए दिनभर समय उपलब्ध रहता है, लेकिन प्रातःकाल, मध्याह्न और प्रदोष काल को विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
प्रातःकाल का मुहूर्त: सूर्योदय के बाद का समय, जब शिवलिंग का जलाभिषेक करना श्रेष्ठ माना जाता है।
मध्याह्न पूजा मुहूर्त: दोपहर का समय, जब रुद्राभिषेक और शिव मंत्रों का जाप शुभ माना जाता है।
प्रदोष काल: सूर्यास्त से पहले का समय, जिसे भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे फलदायी माना जाता है।
व्रत के दौरान रखें इन बातों का ध्यान
सावन सोमवार का व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को सात्विक भोजन करना चाहिए और पूरे दिन भगवान शिव के मंत्रों का जाप करना चाहिए। पूजा में बेलपत्र, गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से अभिषेक करना शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप और शिव चालीसा का पाठ करने की भी परंपरा है।
सावन का पहला सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे शुभ अवसरों में से एक माना जाता है। इस बार बन रहे शुभ योग इस दिन के महत्व को और बढ़ा रहे हैं। श्रद्धालु यदि विधि-विधान और श्रद्धा के साथ व्रत एवं पूजा करें, तो धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उन्हें भगवान शिव का विशेष आशीर्वाद प्राप्त हो सकता है।
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