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जंतर-मंतर प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी, पैलेट गन रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और पीड़ितों के इलाज के दिए निर्देश

Jantar Mantar Protest: नागरिक प्रदर्शनों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पैलेट गन के इस्तेमाल का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। पूर्व आईपीएस अधिकारी यशोवर्धन आजाद और पैलेट गन से घायल दो पीड़ितों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिकाओं में नागरिक सभाओं के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है।

SC का निर्देश: पैलेट गन का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शनों के दौरान तैनात रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों द्वारा इस्तेमाल किए गए गोला-बारूद का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए। अदालत ने यह भी कहा कि कथित तौर पर पैलेट गन से घायल हुए प्रदर्शनकारियों को उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को सभी घायलों के इलाज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

पूर्व आईबी अधिकारी की याचिका पर सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने पूर्व खुफिया ब्यूरो (आईबी) के विशेष निदेशक यशोवर्धन आजाद की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया। अदालत ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि पैलेट गन से घायल याचिकाकर्ताओं और इसी तरह की स्थिति वाले अन्य लोगों को भी उचित चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराया जाए। यशोवर्धन आजाद केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) में सूचना आयुक्त भी रह चुके हैं।

याचिका में पैलेट गन के इस्तेमाल पर उठाए सवाल

याचिका में आरोप लगाया गया है कि जंतर-मंतर पर 'संसद चलो मार्च' के दौरान रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया, जिससे कई नागरिक घायल हुए। याचिकाकर्ता का कहना है कि ऐसे मामलों में घायल लोगों को सार्वजनिक कानून के तहत मुआवजा मिलना चाहिए। साथ ही नागरिक सभाओं और विरोध प्रदर्शनों के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पैलेट गन के इस्तेमाल पर रोक लगाने की भी मांग की गई है।

पैलेट गन पर प्रोटोकॉल बनाने के संकेत

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मौजूदा पुलिस नियमों के तहत असाधारण परिस्थितियों में पैलेट गन का इस्तेमाल अवैध नहीं है। हालांकि, अदालत ने संकेत दिया कि इसके इस्तेमाल के लिए स्पष्ट प्रोटोकॉल बनाया जाना चाहिए ताकि अत्यधिक बल प्रयोग से बचा जा सके। साथ ही पीठ ने कहा कि पुलिस को ऐसे संसाधनों से लैस किया जाना चाहिए, जिससे विरोध प्रदर्शनों से निपटने के लिए पैलेट गन जैसी कार्रवाई की जरूरत ही न पड़े।