Singapore: की सरकार ने एक कड़े कदम के तहत 14 सोशल मीडिया पोस्ट को ब्लॉक करने के आदेश जारी किए हैं। इन पोस्ट्स को चीन-आधारित प्लेटफॉर्म से जुड़े होने का दावा किया गया है और इन्हें नस्लीय तनाव भड़काने की कोशिश बताया गया है।
Online Criminal Harms Act के तहत कार्रवाई
सिंगापुर के Ministry of Home Affairs (MHA) ने YouTube, Facebook और X (पूर्व ट्विटर) को निर्देश दिया है कि वे इन 14 भड़काऊ पोस्ट्स तक सिंगापुर के उपयोगकर्ताओं की पहुंच रोकें। यह कार्रवाई Online Criminal Harms Act 2023 के तहत की गई है, जो अधिकारियों को ऑनलाइन आपराधिक गतिविधियों से जुड़े कंटेंट को तुरंत हटाने या प्रतिबंधित करने की शक्ति देता है।
सिंगापुर पुलिस ने शनिवार को Disabling Directions जारी किए, जिसके तहत प्लेटफॉर्म्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि इन पोस्ट्स को देश में एक्सेस न किया जा सके।
क्या था इन पोस्ट्स में दावा?
अधिकारियों के अनुसार, यह सामग्री पिछले महीने चीनी भाषा वाले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर फैलनी शुरू हुई थी। शुरुआत में इसमें सिंगापुर की सांस्कृतिक पहचान और जातीय राजनीति को लेकर चिंता जताई गई, लेकिन बाद में यह अधिक भड़काऊ हो गई।
पोस्ट्स में यह दावा किया गया कि सिंगापुर में भारतीय समुदाय की संख्या बढ़ने से देश “ओवररन” हो रहा है और देश की बहु-नस्लीय नीति केवल पश्चिमी देशों को खुश करने का दिखावा है।
कुछ अन्य दावों में कहा गया कि सिंगापुर की सामाजिक स्थिरता उसकी बहु-सांस्कृतिक नीति की बजाय चीनी बहुसंख्यक आबादी की वजह से है। साथ ही यह भी कहा गया कि सिंगापुर के भारतीय राजनेता हमेशा भारतीय प्रवासियों के हितों को प्राथमिकता देंगे।
कुछ पोस्ट्स में सिंगापुर की संस्कृति को पूरी तरह “चीनी संस्कृति” बताया गया और यह चेतावनी दी गई कि सरकार का चीन से दूरी बनाना और भारतीय आबादी का बढ़ना देश के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
भ्रामक छवियों का इस्तेमाल
अधिकारियों ने बताया कि इन दावों को विश्वसनीय दिखाने के लिए कुछ तस्वीरों का गलत इस्तेमाल किया गया। इनमें लिटिल इंडिया की भीड़भाड़ वाली सड़कों की तस्वीरें शामिल थीं, जो अक्सर सप्ताहांत में दिखाई देती हैं। इसके अलावा पगोडा स्ट्रीट पर एक धार्मिक त्योहार के दौरान ली गई तस्वीरों और वीडियो का भी उपयोग किया गया।
कुछ पोस्ट्स में अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया, जिसमें भारतीय आबादी में वृद्धि को “करे की एकाग्रता” जैसे शब्दों से जोड़ा गया।
कानूनी आधार और जांच
गृह मंत्रालय (MHA) ने इन पोस्ट्स को सिंगापुर के दंड संहिता की धारा 298A के तहत अपराध की संभावना माना है। यह धारा उन कार्यों को अपराध मानती है जो नस्लीय या धार्मिक समूहों के बीच दुश्मनी, घृणा या वैमनस्य फैलाते हैं।
जांच में पाया गया कि यह सामग्री संभवतः चीन-आधारित प्लेटफॉर्म से शुरू हुई और फिर अन्य वेबसाइटों और सोशल मीडिया पर फैल गई। अधिकारियों के अनुसार, इसे जानबूझकर और संगठित तरीके से सिंगापुर के सूचना तंत्र में फैलाया गया।
सिंगापुर की बहुसांस्कृतिक नीति
सिंगापुर लंबे समय से अपनी बहु-नस्लीय और बहु-सांस्कृतिक नीति को राष्ट्रीय स्थिरता की नींव मानता है। सरकार नस्लीय और धार्मिक सद्भाव को प्रभावित करने वाली सामग्री के खिलाफ हमेशा सख्त रुख अपनाती रही है।
2023 में लागू Online Criminal Harms Act ने सरकार को और तेज़ कार्रवाई की शक्ति दी है, जिससे बिना लंबी प्रक्रिया के ऑनलाइन कंटेंट पर तुरंत रोक लगाई जा सकती है।
सरकार का बयान
गृह मंत्रालय ने भारतीय प्रवासी श्रमिकों की भूमिका का बचाव करते हुए कहा कि वे देश के निर्माण और विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, खासकर निर्माण जैसे क्षेत्रों में।
मंत्रालय ने कहा कि सिंगापुर नफरत और नस्लवाद का विरोध करता है और विदेश से आने वाले ऐसे हमले “दोगुने रूप से अस्वीकार्य” हैं।
सरकार ने नागरिकों से अपील की कि वे ऑनलाइन जानकारी को सावधानी से देखें और देश में नस्लीय विभाजन फैलाने की कोशिशों को खारिज करें।

