Sonam Wangchuk Letter: करीब तीन हफ्तों से अनशन पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने आखिरकार अपनी भूख हड़ताल खत्म करने का ऐलान कर दिया है। सोमवार, 20 जुलाई को उनके सोशल मीडिया हैंडल से साझा किए गए एक पत्र में उन्होंने अनशन समाप्त करने के लिए तीन शर्तें रखी हैं। वांगचुक ने साफ कहा है कि यदि इनमें से किसी एक शर्त पर भी अमल होता है, तो वे अपना उपवास समाप्त कर देंगे।
3 शर्तें रखी हैं वांगचुक ने
- सरकार पेपर लीक जैसी शिक्षा व्यवस्था की नाकामियों की जिम्मेदारी स्वीकार करे।
- मुझे संसद पहुंचने दिया जाए और सांसद भरोसा दें कि वे यह मुद्दा संसद में उठाएंगे।
- अगर मेरी तबीयत इसकी इजाजत न दे, तो सांसद अस्पताल आकर यही आश्वासन दें।
अस्पताल से जारी किया खुला पत्र
पत्र के अंत में सोनम वांगचुक ने लिखा कि वह सफदरजंग अस्पताल में "गैर-कानूनी नजरबंदी" में हैं, जहां उनकी आवाजाही और बातचीत की आजादी सीमित है। उधर, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है। संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत के चलते इलाके में सुरक्षा भी कड़ी कर दी गई है।

