Saturday, Sep 05

होम = Cover Story Top = सुभाष चंद्रा के खिलाफ CBI की FIR, LICHFL से ₹1,322 करोड़ के लोन फ्रॉड का आरोप

सुभाष चंद्रा के खिलाफ CBI की FIR, LICHFL से ₹1,322 करोड़ के लोन फ्रॉड का आरोप

Subhash Chandra CBI FIR: Essel Group के चेयरमैन सुभाष चंद्रा के खिलाफ CBI ने FIR दर्ज की है। PTI के मुताबिक, आरोप है कि उन्होंने LIC Housing Finance Limited (LICHFL) से लोन लेने के लिए अपनी नेटवर्थ वास्तविकता से काफी अधिक बताई। बाद में दोनों लोन डिफॉल्ट हो गए, जिससे सरकारी लेंडर को ₹1,322 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ। FIR LIC Housing Finance की शिकायत पर दर्ज हुई है।

₹980 करोड़ के दो लोन

शिकायत के अनुसार, चंद्रा ने नेटवर्थ सर्टिफिकेट के आधार पर कुल ₹980 करोड़ के दो लोन मंजूर करवाए। इनमें वसंत सागर प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड को ₹500 करोड़ का लोन मिला, जिसमें Pan India Infraprojects Pvt Ltd Co-Borrower थी। वहीं, Digital Subscriber Management & Consultancy Services Pvt Ltd को ₹480 करोड़ दिए गए, जिसमें Spirit Infra Power & Multi Ventures Pvt Ltd Co-Borrower थी। ₹500 करोड़ का लोन टेकओवर, टॉप-अप और बिजनेस विस्तार के लिए था, जिसकी 28 मार्च 2018 को चंद्रा ने Continuing Guarantee दी थी। ₹480 करोड़ का लोन Rental Securitisation Scheme के तहत Rental Discounting Facility के रूप में मंजूर हुआ था और इसकी भी उन्होंने गारंटी दी।

नेटवर्थ पर उठे सवाल

500 करोड़ के लिए DIM & Co. के 28 मार्च 2018 के सर्टिफिकेट में चंद्रा की नेटवर्थ करीब ₹59,000 करोड़ बताई गई थी। 480 करोड़ के लिए MPJ & Co. के 6 जुलाई 2018 के सर्टिफिकेट में यह ₹40,562 करोड़ थी। LICHFL के मुताबिक, दोनों लोन बाद में डिफॉल्ट हो गए। IBC कार्यवाही के दौरान चंद्रा ने इन सर्टिफिकेट में बताई गई नेटवर्थ से इनकार किया। FIR के अनुसार, उन्होंने 2024 में अपनी नेटवर्थ ₹31.79 करोड़, जबकि 2017-18 में ₹40,000 करोड़ से अधिक बताई थी।

धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों का आरोप

FIR में चंद्रा पर उधार लेने वाली चारों कंपनियों और उनके अधिकारियों/निदेशकों के साथ मिलकर LICHFL को धोखा देने का आरोप है। आरोप है कि उन्होंने नेटवर्थ बढ़ाकर दिखाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए, ताकि LICHFL से मुख्य कर्जदारों के लिए फंड जारी कराया जा सके और बाद में उसका गलत इस्तेमाल हुआ।