Surya Grahan 2026 Timing: साल 2026 का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण आज यानी 12 अगस्त 2026 को लग रहा है। यह खगोलीय घटना इस साल की सबसे महत्वपूर्ण खगोलीय घटनाओं में से एक है। हालांकि, ग्रहण की दृश्यता को लेकर भारत में अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं, इसलिए समय और दृश्यता की सही जानकारी जानना जरूरी है। नासा के अनुसार, 12 अगस्त को पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, जिसकी पूर्णता का मार्ग ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी रूस, स्पेन और पुर्तगाल के एक छोटे हिस्से से होकर गुजरेगा। उत्तरी गोलार्ध के कई अन्य क्षेत्रों में आंशिक सूर्य ग्रहण दिखाई देगा।
कब लगेगा सूर्य ग्रहण
सूर्य ग्रहण का वैश्विक क्रम अलग-अलग स्थानों पर अलग समय पर दिखाई देगा। इसलिए किसी एक समय को पूरी दुनिया के लिए ग्रहण का समय नहीं माना जा सकता। भारत में इसकी दृश्यता भी स्थान के अनुसार अलग हो सकती है। उदाहरण के लिए, टाइमएंडडेट के उपलब्ध आंकड़ों में भारत के एक स्थान के लिए ग्रहण शाम 6:27 बजे शुरू, शाम 7:12 बजे अधिकतम और शाम 7:26 बजे समाप्त होता दिखाया गया है। वहां ग्रहण की अवधि करीब 59 मिनट बताई गई है। इसलिए अपने शहर के हिसाब से समय देखना ज्यादा सही रहेगा।
क्या भारत में दिखाई देगा सूर्य ग्रहण
यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। नासा के वैश्विक मानचित्र के अनुसार 12 अगस्त का पूर्ण सूर्य ग्रहण भारत के प्रमुख क्षेत्रों के लिए पूर्ण ग्रहण के रूप में दिखाई देने वाला नहीं है। हालांकि, कुछ स्थानों पर आंशिक ग्रहण की गणना उपलब्ध है। ऐसे में भारत में ग्रहण की दृश्यता को लेकर खबर प्रकाशित करते समय स्थान विशेष का समय जरूर जांचना चाहिए।
कितनी देर रहेगा ग्रहण
सूर्य ग्रहण की कुल अवधि स्थान के अनुसार बदलती है। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में ग्रहण अलग समय पर शुरू और समाप्त होगा। पूर्ण ग्रहण के मार्ग में भी पूर्णता की अवधि बहुत कम रहती है। नासा के मुताबिक, पूर्ण ग्रहण के अधिकांश स्थानों पर सूर्य पूरी तरह ढकने का चरण दो मिनट से भी कम समय का रहेगा।
क्या भारत में सूतक काल मान्य होगा
धार्मिक मान्यताओं में सूतक काल को ग्रहण की दृश्यता से जोड़ा जाता है। इसलिए यदि किसी स्थान पर सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देता, तो वहां आमतौर पर सूतक मानने की परंपरा नहीं होती। हालांकि, इस संबंध में अलग-अलग धार्मिक परंपराओं और पंचांगों में मतभेद हो सकते हैं। इसलिए मंदिरों के कपाट बंद करने, पूजा-पाठ या अन्य धार्मिक कार्यों को लेकर स्थानीय पंचांग और परंपरा को आधार मानना बेहतर है।
ग्रहण देखते समय रखें आंखों का ध्यान
सूर्य ग्रहण को बिना उचित सुरक्षा के सीधे आंखों से देखना खतरनाक हो सकता है। नासा के अनुसार, आंशिक सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य की ओर सीधे देखना सुरक्षित नहीं है। इसे देखने के लिए प्रमाणित सोलर व्यूइंग ग्लास या सुरक्षित सोलर फिल्टर का इस्तेमाल करना चाहिए।
12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है। इसका पूर्ण चरण ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी रूस, स्पेन और पुर्तगाल के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। भारत में दृश्यता शहर और स्थान के अनुसार अलग हो सकती है, इसलिए स्थानीय समय की पुष्टि करके ही जानकारी साझा करना बेहतर रहेगा।
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