Tahir Hussain Ankit Sharma Case: वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े चर्चित अंकित शर्मा हत्याकांड में दोषी करार दिए गए पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। इस बार ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने ताहिर हुसैन के समर्थन में बयान देकर नया विवाद खड़ा कर दिया है।
AIMIM ने क्या कहा
AIMIM की ओर से कहा गया कि ताहिर हुसैन के साथ न्याय नहीं हुआ और उन्हें राजनीतिक परिस्थितियों का शिकार बनाया गया। पार्टी के नेताओं का दावा है कि मामले में निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए जाने चाहिए और न्यायिक प्रक्रिया पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। हालांकि, पार्टी के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कई नेताओं ने इसे अदालत के फैसले पर सवाल उठाने की कोशिश बताया है।
बीजेपी ने साधा निशाना
भारतीय जनता पार्टी ने AIMIM के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर फैसला सुनाया है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि दोषी व्यक्ति का राजनीतिक आधार पर बचाव करना न्याय व्यवस्था पर गलत संदेश देता है। पार्टी ने यह भी कहा कि अंकित शर्मा की हत्या एक बेहद संवेदनशील मामला था और ऐसे मामलों में अदालत के निर्णय का सम्मान किया जाना चाहिए।
पहले भी मिल चुका था राजनीतिक समर्थन
ताहिर हुसैन को लेकर इससे पहले भी कुछ राजनीतिक दलों और नेताओं की ओर से सहानुभूति जताई गई थी। कुछ नेताओं ने उनके खिलाफ कार्रवाई पर सवाल उठाए थे, जबकि दूसरी ओर कई दल लगातार अदालत के फैसले का समर्थन करते रहे हैं। AIMIM के ताजा बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।
क्या है अंकित शर्मा हत्याकांड
अंकित शर्मा, जो उस समय खुफिया ब्यूरो (IB) में सुरक्षा सहायक के पद पर कार्यरत थे, फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों के दौरान लापता हो गए थे। बाद में उनका शव बरामद हुआ था। जांच के बाद पुलिस ने ताहिर हुसैन सहित कई लोगों के खिलाफ हत्या और दंगों से जुड़े आरोपों में मामला दर्ज किया था। अदालत ने सुनवाई के बाद ताहिर हुसैन को दोषी करार दिया।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच न्यायिक फैसले पर नजर
ताहिर हुसैन को लेकर दिए जा रहे राजनीतिक बयानों ने एक बार फिर इस मामले को सुर्खियों में ला दिया है। हालांकि, कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी मामले में अंतिम महत्व न्यायालय के निर्णय और उपलब्ध साक्ष्यों का होता है। ऐसे में राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान बनाए रखना आवश्यक है।
अंकित शर्मा हत्याकांड में ताहिर हुसैन को लेकर दिए जा रहे राजनीतिक बयानों ने एक बार फिर इस मामले को चर्चा में ला दिया है। हालांकि, इस पूरे विवाद के बीच न्यायालय के फैसले और कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करना सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
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