दुनिया

होर्मुज की आंच से तेल बाजार में हलचल! क्या भारत में महंगा होगा पेट्रोल-डीजल?

Petrol Diesel Price: पश्चिम एशिया में छिड़े युद्ध ने एक बार फिर पूरी दुनिया की नजरें कच्चे तेल पर टिका दी हैं। ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के हमले, सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत और जवाबी सैन्य चेतावनियों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है क्या अब पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ेंगी? युद्ध की आशंका मात्र से ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल उछलने लगा है। बीते दिनों ब्रेंट क्रूड तीन प्रतिशत के करीब चढ़कर 73 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तनाव और गहराया, तो कीमतें और तेज़ी से ऊपर जा सकती हैं।

क्या बताती है एक्सपर्ट्स की राय

रणनीतिक मामलों पर नजर रखने वाले संस्थान Center for Strategic and International Studies का आकलन है कि यदि ईरान तेल टैंकरों की आवाजाही में रुकावट डालता है, तो ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकता है। वहीं JP Morgan Chase के अनुसार, हालात बेहद बिगड़े तो कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल का आंकड़ा भी छू सकता है।

किस-किस पर पड़ेगा प्रभाव

इस पूरे संकट का केंद्र है हॉर्मुज जलडमरूमध्य वह संकरा समुद्री रास्ता जिससे दुनिया की करीब 20 से 30 प्रतिशत तेल आपूर्ति गुजरती है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इस रास्ते को जहाजों के लिए बंद करने की धमकी दी है। अगर ऐसा हुआ, तो सऊदी अरब, इराक, यूएई और कुवैत से एशिया को जाने वाला तेल सीधे प्रभावित होगा।

ईरान खुद भी तेल का बड़ा खिलाड़ी है। उसके पास दुनिया के लगभग 12 प्रतिशत सिद्ध तेल भंडार हैं और वह रोज़ाना लाखों बैरल तेल का उत्पादन करता है। प्रतिबंधों के बावजूद उसका बड़ा हिस्सा चीन को जाता है। ऐसे में सप्लाई चेन में किसी भी तरह की रुकावट वैश्विक बाजार को हिला सकती है।

अंतरराष्ट्रीय कीमतें लंबे समय तक ऊंची

भारत के लिए फिलहाल राहत की बात यह है कि देश के पास सीमित अवधि के लिए पर्याप्त तेल और ईंधन भंडार मौजूद हैं। हालांकि, अगर यह संकट लंबा खिंचता है और अंतरराष्ट्रीय कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो पेट्रोल-डीजल पर दबाव बढ़ सकता है। आखिरकार, खुदरा कीमतें टैक्स और सरकारी नीति पर निर्भर करेंगी।

निष्कर्ष साफ है अभी आग दूर है, लेकिन उसकी तपिश महसूस होने लगी है। युद्ध की दिशा और हॉर्मुज की स्थिति तय करेगी कि यह हलचल महज डर साबित होती है या आम आदमी की जेब पर सीधा वार।

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Shagun Chaurasia

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