Delhi-NCR AQI
Delhi-NCR AQI: दिल्ली-NCR लगातार जहरीली होती हवा से जूझ रहा है। AQI 400 के पार पहुँचते ही हालात गंभीर श्रेणी में चले गए हैं। ऐसे में कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने GRAP के स्टेज-3 को लागू कर दिया है, जिसमें कुछ ऐसे कदम भी शामिल हैं जो सामान्यतः स्टेज-4 में लागू होते हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और संशोधित GRAP नियमों के तहत यह कार्रवाई तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है। राजधानी में दिनचर्या पूरी तरह बदल चुकी है, स्कूलों से लेकर ऑफिसों तक हर जगह नई व्यवस्थाएं लागू कर दी गई हैं।
सबसे सख्त रोक निर्माण व औद्योगिक गतिविधियों पर लगाई गई है। गैर-जरूरी निर्माण, ध्वंस, खुदाई, ट्रेंचिंग और मिट्टी संबंधी सभी गतिविधियां तुरंत बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। ओपन-एयर रेडी-मिक्स कंक्रीट प्लांट, स्टोन क्रशर्स और कोयला-आधारित उद्योगों पर भी पूर्ण प्रतिबंध है। सिर्फ रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, रक्षा और अस्पताल से जुड़ी सार्वजनिक परियोजनाओं को ही सीमित छूट दी गई है, वह भी कड़े धूल नियंत्रण नियमों के साथ।
वाहनों पर भी बड़ा शिकंजा कसा गया है। दिल्ली समेत गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल कारें अब सड़कों पर नहीं उतर सकेंगी। यहां तक कि दूसरे राज्यों की डीजल बसों का दिल्ली में प्रवेश भी रोक दिया गया है। सिर्फ इलेक्ट्रिक, CNG और BS-VI डीजल बसें ही अनुमति पाएंगी। जरूरी सामान ढोने वाले वाहन ही छूट की सूची में हैं, बाकी मीडियम और हेवी डीजल कमर्शियल वाहन शहर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।
डीजल जेनरेटर सेट्स का उपयोग भी रोक दिया गया है, सिर्फ अस्पतालों, एयरपोर्ट और मेट्रो जैसी इमरजेंसी सेवाओं को छूट है। दूसरी ओर, जरूरतों को देखते हुए सरकार ने सार्वजनिक परिवहन बढ़ाने का फैसला किया है। डीटीसी फ्लीट में अतिरिक्त CNG व इलेक्ट्रिक बसें जोड़ी जा रही हैं, साथ ही मेट्रो की फ्रीक्वेंसी भी बढ़ाई जा रही है ताकि लोग निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करें।
ऑफिस में भी बड़ी बदलाव की घोषणा की गई है। दिल्ली सरकार ने सभी सरकारी और निजी कार्यालयों को 50% क्षमता के साथ काम करने का आदेश दे दिया है। बाकी कर्मचारी अनिवार्य रूप से वर्क फ्रॉम होम करेंगे। हालांकि प्रशासनिक सचिव और विभागाध्यक्ष नियमित रूप से कार्यालय में मौजूद रहेंगे और आवश्यकता पड़ने पर अन्य कर्मचारियों को भी बुला सकेंगे। NCR के अन्य राज्यों- हरियाणा, यूपी और राजस्थान को भी इसी तर्ज पर निर्णय लेने की सिफारिश की गई है।
बात स्कूलों की करें तो कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए बड़ा निर्णय आया है। दिल्ली के साथ-साथ गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और नोएडा में स्कूलों को हाइब्रिड मोड में चलाने के आदेश दिए गए हैं। जहां संभव हो, कक्षाएं पूरी तरह ऑनलाइन भी कराई जा सकती हैं। दिल्ली-NCR में प्रदूषण के हालात फिलहाल सुधरने के आसार कम हैं, इसलिए आने वाले दिनों में और भी सख्त कदम लागू किए जा सकते हैं।
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