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ट्विशा शर्मा केस: सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ की न्यायिक हिरासत 13 जुलाई तक बढ़ी

Twisha Sharma Case: भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा केस में आरोपी सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 14 दिन के लिए बढ़ा दी गई है। दोनों की रिमांड सोमवार को खत्म हो रही थी, जिसके बाद उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया।

सुनवाई के दौरान CBI ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे की प्रक्रिया के लिए दोनों आरोपियों का न्यायिक हिरासत में रहना जरूरी है। दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उनकी हिरासत 13 जुलाई तक बढ़ाने का आदेश दिया। मामले की जांच फिलहाल CBI कर रही है और अगली सुनवाई पर सभी की नजरें हैं।

क्या है पूरा मामला?

ट्विशा शर्मा केस 2026 के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल है। 33 वर्षीय पूर्व मिस पुणे और मॉडल-अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की शादी नवंबर 2025 में भोपाल के वकील समर्थ सिंह से हुई थी। समर्थ की मां गिरिबाला सिंह रिटायर्ड जिला जज हैं।

शादी के महज छह महीने बाद, 12 मई 2026 को ट्विशा अपने भोपाल स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में अचेत मिलीं। अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह फांसी बताई गई थी।

दहेज प्रताड़ना से लेकर जांच पर सवाल

ट्विशा के परिवार और उनके भाई मेजर हर्षित शर्मा ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही पति और सास दहेज के लिए मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना दे रहे थे। परिवार का यह भी दावा है कि पहली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर पर चोटों के निशान छिपाए गए और आरोपियों के रसूख के चलते पुलिस ने जांच में ढिलाई बरती।

वहीं, गिरिबाला सिंह ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि ट्विशा सिजोफ्रेनिया और ड्रग्स की लत से जूझ रही थीं, जिसका परिवार ने कड़ा विरोध किया।

भोपाल पुलिस की जांच, FIR में देरी और आरोपी पति के फरार रहने पर सवाल उठने के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने मामला CBI को सौंप दिया। सुप्रीम कोर्ट ने भी स्वतः संज्ञान लिया और AIIMS के डॉक्टरों के पैनल से दोबारा पोस्टमॉर्टम कराया। CBI जांच में पुलिस की गंभीर लापरवाही भी सामने आई। जांच में पाया गया कि कथित फांसी में इस्तेमाल बेल्ट न तो पोस्टमॉर्टम के समय भेजी गई थी और न ही उसकी जब्ती के मेमो पर गवाहों के हस्ताक्षर थे। इस लापरवाही पर एक पुलिस अधिकारी पर जुर्माना भी लगाया गया।

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