Twisha Sharma: चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में जांच एक बार फिर नए मोड़ पर पहुंच गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट के निर्देश पर कराए गए दूसरे पोस्टमार्टम की रिपोर्ट अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई है। हालांकि रिपोर्ट मिलने के बाद भी ट्विशा शर्मा की मौत की वास्तविक वजह को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है। जांच एजेंसियां रिपोर्ट के निष्कर्षों, वैज्ञानिक परीक्षणों और अन्य साक्ष्यों का गहन अध्ययन कर रही हैं। इस बीच मामले से जुड़े कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं, जिनका जवाब तलाशना जांच एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
हाईकोर्ट के आदेश पर कराया गया दूसरा पोस्टमार्टम
ट्विशा शर्मा की मौत के बाद सामने आए विभिन्न सवालों और परिजनों द्वारा उठाई गई आशंकाओं को देखते हुए मामले ने कानूनी मोड़ ले लिया था। इसके बाद हाईकोर्ट ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दूसरे पोस्टमार्टम का आदेश दिया। अदालत का मानना था कि मौत के कारणों को लेकर उठ रहे संदेहों को दूर करने के लिए विस्तृत चिकित्सकीय जांच आवश्यक है। इसी आदेश के तहत विशेषज्ञों की निगरानी में दूसरा पोस्टमार्टम कराया गया।
कई वैज्ञानिक परीक्षणों को बनाया गया जांच का आधार
दूसरे पोस्टमार्टम के दौरान केवल सामान्य चिकित्सकीय परीक्षण ही नहीं किए गए, बल्कि कई वैज्ञानिक और फोरेंसिक जांच प्रक्रियाओं को भी शामिल किया गया। विशेषज्ञों ने शरीर से प्राप्त नमूनों का परीक्षण कर मौत के कारणों और परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया। जांच एजेंसियां अब इन रिपोर्टों को अन्य साक्ष्यों के साथ मिलाकर पूरे घटनाक्रम की कड़ी जोड़ने में लगी हुई हैं।
पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया था
मामले की शुरुआत में तैयार की गई पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारण को लेकर कुछ निष्कर्ष सामने आए थे। हालांकि उन निष्कर्षों पर सवाल भी उठे थे और परिजनों ने रिपोर्ट की विश्वसनीयता को लेकर आपत्ति जताई थी। इसी वजह से मामले में दूसरी चिकित्सकीय जांच की मांग तेज हुई और अंततः अदालत के हस्तक्षेप के बाद दूसरा पोस्टमार्टम कराया गया।
दूसरी रिपोर्ट में चोटों के जिक्र ने बढ़ाए सवाल
सूत्रों के अनुसार दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर मौजूद कुछ चोटों का उल्लेख किया गया है। इन चोटों की प्रकृति, समय और परिस्थितियों को लेकर जांच एजेंसियां विशेष ध्यान दे रही हैं। हालांकि अभी तक किसी आधिकारिक एजेंसी ने रिपोर्ट के सभी निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किए हैं, इसलिए मौत के कारणों को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी माना जा रहा है। लेकिन रिपोर्ट में चोटों के जिक्र ने जांच को नया आयाम जरूर दे दिया है।
इलेक्ट्रॉनिक फुटप्रिंट्स बने जांच का अहम हिस्सा
CBI अब केवल मेडिकल रिपोर्ट पर निर्भर नहीं है। जांच एजेंसी डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी गहराई से पड़ताल कर रही है। मोबाइल फोन रिकॉर्ड, कॉल डिटेल्स, चैट हिस्ट्री, सोशल मीडिया गतिविधियां और अन्य इलेक्ट्रॉनिक फुटप्रिंट्स को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल सबूत घटनाओं के क्रम और संबंधित व्यक्तियों की गतिविधियों को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
पति और सास की गिरफ्तारी के बाद बढ़ी जांच की रफ्तार
मामले में ट्विशा शर्मा के पति और सास को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों ने उनसे कई दौर की पूछताछ की है। अधिकारियों का प्रयास है कि घटना से जुड़े हर पहलू को विस्तार से समझा जाए और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जाए। गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच और भी तेज हो गई है।
ट्विशा शर्मा मौत मामले में दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का CBI को सौंपा जाना जांच की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि रिपोर्ट मिलने के बावजूद मौत की असली वजह पर सस्पेंस बरकरार है। चोटों के उल्लेख, वैज्ञानिक परीक्षणों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी। फिलहाल सभी की निगाहें CBI की अगली कार्रवाई और जांच के अंतिम निष्कर्षों पर टिकी हुई हैं।
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