होम = Trending = UP: मदरसा शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव, अब नहीं मिलेगी कामिल-फाजिल डिग्री को मान्यता; CM योगी का बड़ा फैसला

UP: मदरसा शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव, अब नहीं मिलेगी कामिल-फाजिल डिग्री को मान्यता; CM योगी का बड़ा फैसला

by | Aug 4, 2026 | Trending

UP Madrasa Education Amendment: उत्तर प्रदेश में मदरसा शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम-2004 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। संशोधन लागू होने के बाद प्रदेश के मदरसे कामिल और फाजिल की डिग्री जारी नहीं कर सकेंगे। सरकार ने यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में लिया है।

कामिल और फाजिल डिग्री पर रोक क्यों?

राज्य सरकार के अनुसार, कामिल और फाजिल डिग्रियों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से मान्यता प्राप्त नहीं है। इसी वजह से इन डिग्रियों की मान्यता समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। सरकार का कहना है कि उच्च शिक्षा व्यवस्था को राष्ट्रीय मानकों और नियामकीय ढांचे के अनुरूप बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।

कैबिनेट की मंजूरी के बाद अधिनियम-2004 में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। इसके बाद नई व्यवस्था लागू करने के लिए वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सरकार का दावा है कि इससे उच्च शिक्षा प्रणाली में एकरूपता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

अन्य प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी

कैबिनेट बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इनमें अनुपूरक बजट को विधानमंडल में पेश करने का प्रस्ताव, जेवर लिंक एक्सप्रेस-वे से गंगा एक्सप्रेस-वे तक वाया बुलंदशहर परियोजना के प्राक्कलन को स्वीकृति और प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण के गठन का प्रस्ताव शामिल है।

इसके अलावा प्रदेश में सात बहुउद्देश्यीय हब के निर्माण के लिए भूमि के निःशुल्क हस्तांतरण, घुमंतू विकास बोर्ड के गठन तथा आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के दो प्रस्तावों को भी कैबिनेट के समक्ष रखा गया। बैठक में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 के दिशा-निर्देशों में संशोधन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना को केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लागू करने से जुड़े प्रस्तावों पर भी विचार किया गया।

साथ ही, समुदाय परियोजना से जुड़े 6 फरवरी 2015 के करार की अवधि दूसरी बार पांच वर्ष बढ़ाने और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) से संबंधित प्रस्ताव भी कैबिनेट के एजेंडे का हिस्सा रहे। अब मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम में संशोधन की वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद नई व्यवस्था लागू की जाएगी।

ये भी पढ़े: निर्मला सीतारमण का AI डीपफेक वीडियो दिखाकर कारोबारी से ₹1.07 करोड़ की ठगी, SpaceX निवेश के नाम पर लगाया चूना