US Birthright Citizenship Supreme Court: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जन्मसिद्ध नागरिकता (Birthright Citizenship) को सीमित करने वाले कार्यकारी आदेश को 6-3 के बहुमत से खारिज कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी संविधान का 14वां संशोधन आज भी पूरी तरह लागू है और अमेरिका में जन्म लेने वाला लगभग हर बच्चा अमेरिकी नागरिक होगा। कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रपति का आदेश संविधान से ऊपर नहीं हो सकता।
क्या था पूरा विवाद?
अमेरिका में जन्मसिद्ध नागरिकता का नियम 1868 में लागू हुए संविधान के 14वें संशोधन पर आधारित है। इसके अनुसार, अमेरिका में जन्म लेने वाला व्यक्ति अमेरिकी नागरिक माना जाता है, चाहे उसके माता-पिता अमेरिकी नागरिक हों या नहीं।
ट्रंप का तर्क था कि अवैध रूप से रह रहे लोगों या अस्थायी वीजा पर आए प्रवासियों के बच्चों को केवल अमेरिका में जन्म लेने के आधार पर नागरिकता नहीं मिलनी चाहिए। इसी उद्देश्य से उन्होंने एक कार्यकारी आदेश जारी किया था, जिसके लागू होने पर लाखों बच्चों की नागरिकता प्रभावित हो सकती थी।
कोर्ट ने क्या कहा?
मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने कहा कि इस नियम में बदलाव केवल राष्ट्रपति के आदेश या सामान्य कानून से नहीं हो सकता। इसके लिए संविधान में संशोधन जरूरी होगा, जो अमेरिका में बेहद कठिन प्रक्रिया है। अदालत ने ट्रंप प्रशासन की इस दलील को भी खारिज कर दिया कि अवैध या अस्थायी प्रवासियों के बच्चे 14वें संशोधन के दायरे में नहीं आते।
सुप्रीम कोर्ट ने 1898 के ऐतिहासिक 'वुंग किम आर्क' फैसले का भी हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि अमेरिका में जन्म लेने वाला बच्चा नागरिक होगा, भले ही उसके माता-पिता किसी अन्य देश के नागरिक हों।
भारतीयों पर क्या होगा असर?
यह फैसला अमेरिका में रह रहे करीब 52 लाख भारतीय मूल के लोगों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। आईटी, इंजीनियरिंग, हेल्थकेयर समेत विभिन्न क्षेत्रों में एच-1बी और एल-1 वीजा पर काम कर रहे भारतीयों के अमेरिका में जन्मे बच्चों की नागरिकता पहले की तरह सुरक्षित रहेगी।
हर साल एफ-1 वीजा पर पढ़ाई के लिए अमेरिका जाने वाले हजारों भारतीय छात्रों को भी राहत मिलेगी। भविष्य में वहां परिवार बसाने और बच्चे के जन्म की स्थिति में नागरिकता को लेकर कोई नई बाधा नहीं होगी। वहीं ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे भारतीयों के लिए भी यह फैसला अहम है, क्योंकि उनके अमेरिका में जन्मे बच्चों की नागरिकता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
क्या बढ़ेगा 'बर्थ टूरिज्म'?
अदालत के फैसले का मतलब यह नहीं है कि केवल बच्चे को अमेरिकी नागरिकता दिलाने के लिए अमेरिका जाना आसान हो जाएगा। अमेरिकी सरकार पहले की तरह वीजा नियमों और जांच के जरिए तथाकथित 'बर्थ टूरिज्म' पर सख्ती जारी रख सकती है। यानी नागरिकता के नियम बरकरार रहेंगे, लेकिन वीजा संबंधी नियमों में कोई ढील नहीं होगी।
क्या विवाद खत्म हो गया?
फिलहाल यह नियम सुरक्षित है, लेकिन मामला पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। कई रिपब्लिकन नेताओं ने संविधान में संशोधन लाने की बात कही है। हालांकि इसके लिए कांग्रेस में भारी बहुमत और राज्यों की मंजूरी जरूरी होती है, इसलिए निकट भविष्य में इस नियम में बदलाव की संभावना काफी कम मानी जा रही है। कुल मिलाकर, इस फैसले से अमेरिका में रहने और भविष्य में वहां बसने की योजना बना रहे लाखों भारतीय परिवारों को बड़ी राहत मिली है।
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