अमेरिका का ईरान पर प्रचंड वार
Us-Israel-Iran War: मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष अब और ज्यादा भयावह होता जा रहा है। बुधवार तड़के संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान पर एक बेहद बड़ा और सटीक सैन्य हमला किया, जिसने पूरे क्षेत्र में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। अमेरिकी सेना के अनुसार, इस कार्रवाई में 5,000 पाउंड (करीब 2267 किलोग्राम) वजनी अत्याधुनिक “गहराई तक भेदने वाले” बमों का इस्तेमाल किया गया जो जमीन के अंदर बने मजबूत ठिकानों को भी तबाह करने में सक्षम हैं।
अमेरिकी केंद्रीय कमान ने जानकारी दी कि हमले का मुख्य लक्ष्य स्ट्रेट ऑफ होरमज़ के आसपास स्थित ईरान के उच्च-सुरक्षा वाले मिसाइल अड्डे थे। इन ठिकानों पर तैनात जहाज-रोधी क्रूज मिसाइलों को अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात के लिए बड़ा खतरा बताया गया। इसी खतरे को खत्म करने के लिए यह सैन्य कार्रवाई की गई।
अमेरिकी हमले के तुरंत बाद ईरान ने पलटवार करते हुए इज़राइल के मध्य हिस्सों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दीं। मैगन डेविड एडम के मुताबिक, रमत गन में एक पुरुष और एक महिला की मौत हो गई, जबकि बनी ब्रैक में मिसाइल के मलबे से एक व्यक्ति घायल हुआ।
ईरान के हमलों का असर सिर्फ इस्राइल तक सीमित नहीं रहा। संयुक्त अरब अमीरात में भी मिसाइल और ड्रोन हमलों की पुष्टि हुई है। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने कई बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया, जबकि लड़ाकू विमानों ने ईरानी ड्रोन मार गिराए। पूरे देश में सायरन गूंजते रहे और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई। इसी तरह बहरीन और कुवैट में भी खतरे के सायरन बजते रहे। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने को कहा।
तनाव के बीच Israel ने भी ईरान पर अपने हमले तेज कर दिए हैं। ताजा हवाई हमले में ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारीजानी और बासिज बल के कमांडर गुलामरेज़ा सुलेमानी के मारे जाने की खबर है। इसके अलावा, इस्राइल ने बेरूत में भी बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जिससे पूरे क्षेत्र में हालात और ज्यादा विस्फोटक हो गए हैं।
अमेरिका, ईरान और इस्राइल के बीच बढ़ता यह टकराव अब कई देशों को अपनी चपेट में ले रहा है। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियां और लगातार हो रहे हमले इस बात का संकेत हैं कि यह संघर्ष जल्द थमने वाला नहीं है। दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या कूटनीति इस आग को बुझा पाएगी, या फिर यह जंग और बड़े विनाश का कारण बनेगी।
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