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ईरान पर दबाव बढ़ाने की तैयारी! US ने मिडिल ईस्ट में भेजे 50 से ज्यादा फाइटर जेट, बढ़ा तनाव

US Fighter Jets Middle East: ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच अमेरिका ने CENTCOM क्षेत्र यानी मिडिल ईस्ट में अपनी हवाई ताकत बढ़ाते हुए 50 से अधिक अतिरिक्त फाइटर जेट तैनात किए हैं। इन विमानों में 15 F-35A और 12 F-15 ब्रिटेन के RAF लेकेनहीथ, 12 F-16 इटली के एवियानो एयर बेस और 12 F-16 जर्मनी के स्पैंगडाहलेम एयर बेस से भेजे गए हैं। अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से न्यूयॉर्क टाइम्स ने बताया कि जर्मनी से F-16 और ब्रिटेन से F-35 के साथ एरियल रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट भी तैनात किए गए हैं, जो लंबी दूरी के अभियानों के लिए अहम हैं। यह तैनाती जॉर्डन पर ईरानी हमले से पहले शुरू हुई थी।

मिसाइल और ड्रोन खतरे से निपटने की तैयारी

अमेरिका का उद्देश्य ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता को कमजोर करना और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों पर हमलों को रोकना है। हाल के दिनों में ईरान ने जॉर्डन, कतर और बहरीन स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए, जिनमें अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने की खबरें हैं। F-35 स्टेल्थ जेट रडार से बचकर हमला करने में सक्षम हैं, जबकि F-15 और F-16 आक्रामक और रक्षात्मक दोनों अभियानों में प्रभावी माने जाते हैं।

युद्ध और तनाव बढ़ने की आशंका

अमेरिका पहले ही ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों, कमांड सेंटर और बंदरगाहों को निशाना बना चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि नई तैनाती केवल सुरक्षा नहीं बल्कि आक्रामक रणनीति का भी संकेत है। वहीं ईरान का दावा है कि उसके पास अभी भी पर्याप्त मिसाइल भंडार मौजूद है। लगातार हमलों से उसके पुल, जल संयंत्र और तेल निर्यात ढांचे को नुकसान पहुंचा है, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा के कारण वैश्विक तेल कीमतों पर भी असर पड़ा है। विश्लेषकों के अनुसार, यह तैनाती जॉर्डन, सऊदी अरब और यूएई जैसे सहयोगी देशों की सुरक्षा मजबूत करेगी, लेकिन पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव और युद्ध के विस्तार का खतरा भी बढ़ा सकती है।

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