US Missile Shortage After Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय तक चले सैन्य संघर्ष ने अमेरिकी सेना के हथियार भंडार पर बड़ा प्रभाव डाला है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के खिलाफ अभियानों में अमेरिका ने अपनी कई महत्वपूर्ण लंबी दूरी की सटीक मिसाइलों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया, जिसके बाद अब सैन्य अधिकारियों के बीच हथियारों की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई है।
ATACMS और PrSM मिसाइलों का हुआ ज्यादा इस्तेमाल
अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अभियान में लंबी दूरी तक मार करने वाली सटीक मिसाइल प्रणालियों का उपयोग किया। इनमें ATACMS (Army Tactical Missile System) और PrSM (Precision Strike Missile) जैसी मिसाइलें शामिल हैं। ये मिसाइलें दुश्मन के ठिकानों पर सुरक्षित दूरी से सटीक हमला करने की क्षमता रखती हैं। इनकी खासियत यह है कि इन्हें इस्तेमाल करने के लिए सैनिकों या विमानों को सीधे खतरे वाले क्षेत्र में भेजने की जरूरत कम होती है। हालांकि इनकी कीमत काफी अधिक होती है और इनके उत्पादन में समय लगता है।
टॉमहॉक मिसाइलों पर भी बढ़ा दबाव
अमेरिका ने टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों का भी इस्तेमाल किया है। ये मिसाइलें मुख्य रूप से नौसेना के जहाजों, क्रूजर और पनडुब्बियों से दागी जाती हैं। टॉमहॉक का उपयोग मजबूत सुरक्षा वाले ठिकानों पर हमला करने के लिए किया जाता है, क्योंकि इससे पायलटों को जोखिम में डाले बिना लंबी दूरी से कार्रवाई की जा सकती है। लेकिन लगातार इस्तेमाल के कारण इसके भंडार को लेकर भी चिंता सामने आई है।
रूस और चीन को लेकर बढ़ी चिंता
अमेरिकी अधिकारियों के बीच सबसे बड़ी चिंता यह है कि यदि भविष्य में रूस या चीन जैसे बड़े सैन्य प्रतिद्वंद्वियों के साथ तनाव बढ़ता है, तो कम मिसाइल भंडार रणनीतिक क्षमता को प्रभावित कर सकता है। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक युद्धों में सटीक लंबी दूरी के हथियारों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में पर्याप्त स्टॉक बनाए रखना अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है।
रक्षात्मक हथियारों की कमी भी चिंता का विषय
सिर्फ हमला करने वाली मिसाइलों की कमी ही नहीं, बल्कि रक्षात्मक हथियारों की उपलब्धता को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। पैट्रियट जैसी रक्षा प्रणालियां अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सहयोगी देशों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। अमेरिकी सैन्य नेतृत्व ने हथियारों के भंडार को मजबूत करने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
मिसाइल उत्पादन बढ़ाने की तैयारी
अमेरिकी रक्षा कंपनियां अब उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम कर रही हैं। लॉकहीड मार्टिन ATACMS, PrSM और THAAD जैसी प्रणालियों का निर्माण करती है, जबकि रेथियॉन टॉमहॉक और पैट्रियट मिसाइलों के उत्पादन से जुड़ी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी रक्षा विभाग हथियारों की आपूर्ति को मजबूत करने के लिए कंपनियों के साथ मिलकर उत्पादन बढ़ाने की योजना पर काम कर रहा है।
ईरान संघर्ष ने यह दिखा दिया है कि आधुनिक युद्धों में हथियारों का बड़ा भंडार बनाए रखना कितना जरूरी है। अमेरिका जैसी सैन्य शक्ति के सामने भी लंबे अभियानों के दौरान हथियारों की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बन सकती है। अब अमेरिका के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता अपने मिसाइल भंडार को दोबारा मजबूत करना और भविष्य की संभावित चुनौतियों के लिए तैयार रहना है।
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