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Varanasi: दालमंडी कॉरिडोर परियोजना ने पकड़ी रफ्तार, 49 भवन और 6 मस्जिदों पर अब प्रशासन की नजर

by | Jun 12, 2026 | News Story

Varanasi Dalmandi Project: वाराणसी के बहुचर्चित दालमंडी प्रोजेक्ट को लेकर प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। काशी विश्वनाथ धाम और आसपास के क्षेत्रों में सुगम आवागमन तथा आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने के उद्देश्य से चल रही इस परियोजना के तहत अधिकांश अधिग्रहण और निर्माण संबंधी कार्य पूरे किए जा चुके हैं। हालांकि अभी भी 49 भवन और 6 मस्जिदें ऐसी हैं, जिनसे जुड़ी प्रक्रिया पूरी होनी बाकी है। प्रशासन ने इन मामलों को निपटाने के लिए एक निश्चित समयसीमा तय की है ताकि परियोजना को जल्द से जल्द अंतिम रूप दिया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि परियोजना का उद्देश्य शहर की प्राचीन सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं का विकास करना है। वहीं स्थानीय स्तर पर इस परियोजना को लेकर उत्सुकता के साथ-साथ विभिन्न प्रकार की चर्चाएं भी जारी हैं। प्रशासन का दावा है कि सभी कार्य कानूनी प्रक्रिया और आपसी संवाद के माध्यम से किए जा रहे हैं।

क्या है दालमंडी प्रोजेक्ट

दालमंडी परियोजना वाराणसी के पुराने और घनी आबादी वाले क्षेत्र में चल रही एक महत्वपूर्ण विकास योजना है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच को आसान बनाना तथा क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना है। इसके तहत कई पुराने भवनों का अधिग्रहण और सड़क चौड़ीकरण जैसे कार्य किए जा रहे हैं।

49 भवन और 6 मस्जिदों से जुड़ी प्रक्रिया बाकी

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार परियोजना से प्रभावित अधिकांश संपत्तियों से संबंधित कार्रवाई पूरी हो चुकी है। अब केवल 49 भवन और 6 मस्जिदों से जुड़े मामले शेष हैं। इन संपत्तियों के संबंध में बातचीत, दस्तावेजी प्रक्रिया और अन्य कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है ताकि परियोजना में किसी प्रकार की देरी न हो।

प्रशासन ने तय की समयसीमा

परियोजना को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए जिला प्रशासन ने स्पष्ट डेडलाइन तय की है। अधिकारियों का मानना है कि लंबित मामलों का जल्द समाधान होने पर निर्माण और विकास कार्यों को गति मिलेगी। इसके लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं।

स्थानीय लोगों और व्यापारियों की नजर

दालमंडी क्षेत्र वाराणसी के प्रमुख व्यावसायिक और सांस्कृतिक इलाकों में गिना जाता है। ऐसे में इस परियोजना का प्रभाव बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों और व्यापारियों पर पड़ रहा है। कई लोग इसे क्षेत्र के विकास के लिए जरूरी कदम मानते हैं, जबकि कुछ लोग अपने व्यवसाय और आवास को लेकर चिंताएं भी व्यक्त कर रहे हैं।

धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व का क्षेत्र

दालमंडी केवल एक बाजार क्षेत्र नहीं है, बल्कि इसका धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व भी है। यही कारण है कि परियोजना के दौरान प्रशासन विशेष सावधानी बरतने का दावा कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि विकास कार्यों के साथ-साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को सुरक्षित रखने का भी पूरा प्रयास किया जा रहा है।

परियोजना से क्या होंगे संभावित लाभ

विशेषज्ञों के अनुसार परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, पर्यटकों की आवाजाही आसान बनेगी और स्थानीय बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा काशी आने वाले श्रद्धालुओं को भी अधिक सुविधाजनक मार्ग उपलब्ध हो सकेगा।

वाराणसी का दालमंडी प्रोजेक्ट अब अपने महत्वपूर्ण चरण में पहुंच चुका है। 49 भवनों और 6 मस्जिदों से जुड़े मामलों के समाधान के बाद परियोजना को नई गति मिलने की उम्मीद है। प्रशासन द्वारा तय की गई समयसीमा इस बात का संकेत है कि सरकार और स्थानीय प्रशासन इस योजना को जल्द पूरा करने के लिए गंभीर हैं। आने वाले दिनों में इस परियोजना की प्रगति पर शहरवासियों और प्रशासन दोनों की नजर बनी रहेगी।

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