देश

“नफरत से विनाश, एकता से निर्माण”, ‘विभाजन विभीषिका दिवस’ पर PM मोदी का संदेश

Vibhaajan Vibheeshika Divas : भारत के विभाजन के 78 वर्ष बाद भी, उस त्रासदी की यादें आज भी पीढ़ियों को झकझोर देती हैं। ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि नफरत और बंटवारा केवल विनाश लाते हैं, जबकि एकता और मानवता ही देश को मजबूत बनाते हैं।

‘विभाजन विभीषिका दिवस’ का दर्दनाक इतिहास

1947 में हुए विभाजन ने लाखों लोगों को अपना घर, अपनी जमीन और अपनी पहचान खो दी। खून से सने रेल ट्रैक, बेजान शरीरों से भरी ट्रेनें और आंसू भरी आंखे, चेहरे मानव इतिहास की सबसे भयावह तस्वीरों में से एक बन गए। धार्मिक कट्टरता और हिंसा के कारण लगभग 15 लाख लोग मारे गए और करोड़ों लोग विस्थापित हुए। यह दिन उन सभी पीड़ितों और उनके परिवारों को याद करने का अवसर है, जिन्होंने असहनीय कठिनाइयों का सामना किया।

पीड़ितों की मजबूती को सलाम

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विभाजन के पीड़ितों ने अपने साहस और संकल्प से नई जिंदगी बनाई और आज वे देश की ताकत हैं। उन्होंने इस अवसर पर उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने अपनी जान गंवाई और जिनके जीवन हमेशा के लिए बदल गए।

सोशल मीडिया PM Narendra Modi ने पोस्ट शेयर किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “हमारे इतिहास के एक दुखद अध्याय के दौरान अनगिनत लोगों द्वारा झेले गए दर्द को याद करते हुए, भारत ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ मना रहा है. यह उनके साहस का सम्मान करने का भी दिन है। अकल्पनीय क्षति का सामना करने और फिर भी नए सिरे से शुरुआत करने की ताकत पाने की उनकी क्षमता का दिन है।”


 

अपने संदेश में पीएम मोदी ने दोहराया कि “नफरत सिर्फ विनाश लाती है”। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे धार्मिक, जातीय और भाषाई भेदभाव से ऊपर उठकर देश की एकता और सामाजिक सौहार्द को बनाए रखें।

गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा

गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस दिन को “राष्ट्र की स्मृति में अंकित सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक” बताया। उन्होंने विभाजन के पीड़ितों की हिम्मत और संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि उनका साहस आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता है।

ये भी पढ़े : राहुल गांधी को किससे है जान का खतरा….? सुप्रिया श्रीनेत ने किया खुलासा

‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ का उद्देश्य केवल इतिहास को याद करना नहीं, बल्कि उससे सीख लेकर भविष्य को सुरक्षित बनाना है। यह हमें यह चेतावनी देता है कि किसी भी प्रकार का विभाजन समाज को कमजोर करता है और विकास की राह में बाधा बनता है।

Jyoti Karki

ज्योति कार्की एक युवा पत्रकार हैं जो स्वास्थ्य, महिला और बाल कल्याण की खबरों में विशेषज्ञता रखती हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की शिक्षा प्राप्त करने के बाद, उन्होंने मीडिया जगत में अपना कदम रखा है। ज्योति ने हिंदुस्तान, एनडीटीवी और इंडिया टीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से इंटर्नशिप की है। इसके अतिरिक्त, नोएडा में लोकल रिपोर्टिंग का अनुभव प्राप्त करके उन्होंने जमीनी स्तर की पत्रकारिता की बारीकियों को समझा है।वर्तमान में ज्योति न्यूज इंडिया के साथ रिपोर्टर और कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं। शिक्षा के प्रति उनका जुनून निरंतर बना रहता है और वे डेवलपमेंट जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं। ज्योति डिजिटल मीडिया में भी सक्रिय हैं। वे पॉडकास्ट और वीडियो इंटरव्यू का निर्माण भी करती हैं।

Recent Posts

पाकिस्तान का अफगानिस्तान पर बड़ा हमला, तालिबान सुप्रीम लीडर के शहर कंधार में धमाका

Pakistan Afghanistan Conflict: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ…

28 minutes ago

जमुई के बाद समस्तीपुर में भी युवती से सरेराह बदसलूकी, वायरल वीडियो के बाद 4 गिरफ्तार

Samastipur: बिहार में जमुई की घटना के कुछ ही दिनों बाद समस्तीपुर से भी युवती…

31 minutes ago

ट्रंप को कोर्ट से बड़ा झटका, मीडिया बैन का फैसला रद्द, व्हाइट हाउस में एंट्री बहाल करने का आदेश

Trump White House Media Ban: अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के CNN, MS NOW और…

58 minutes ago

एक्टर शाहरुख की नेटवर्थ में ₹2,500 करोड़ की गिरावट, फिर भी अमीर एक्टर्स की लिस्ट में किंग

Shah Rukh Khan Net Worth: बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान एक बार फिर भारत के…

1 hour ago

वंदे भारत चेयर कार का हाई-स्पीड ट्रायल पूरा, 180 की रफ्तार के बाद अब इन टेस्ट की बारी

Vande Bharat Chair Car: वंदे भारत ट्रेन के नए चेयर कार रेक ने हाई-स्पीड ट्रायल…

2 hours ago