Monday, Sep 07

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करोड़पति दवा कारोबारी की हत्या का खुलासा, बहू पर साजिश रचने का आरोप; 6 लाख की सुपारी की बात आई सामने

कानपुर के चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में कारोबारी की बहू शालू की भूमिका सामने आने का दावा किया गया है।

पुलिस ने शालू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, उसे हत्या की साजिश में मुख्य भूमिका निभाने का आरोपी बनाया गया है।

पुलिस का दावा है कि हत्या के लिए 6 लाख रुपये की सुपारी तय की गई थी। वारदात में मृतक के पुराने नौकर विशाल और उसके साथी राजकिशोर के शामिल होने की बात कही गई है।

हालांकि, पुलिस के आरोपों और बयानों की अंतिम पुष्टि अदालत में होनी बाकी है।

घर में मिला था कारोबारी का शव

विनीत मिनोचा अपने घर में मृत मिले थे। घटना वाली रात उनका बेटा, बहू और बच्चा पार्टी के लिए बाहर गए थे।

परिवार के वापस लौटने पर घर का दरवाजा खुला मिला। अंदर कारोबारी का शव पड़ा था। इसके बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई।

शालू भी ससुर की मौत के बाद रोती हुई दिखाई दी थीं। शुरुआत में मामला घर में घुसकर हत्या करने का लग रहा था।

पुलिस ने इसके बाद सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया। अपार्टमेंट के गार्ड और आसपास के लोगों से भी पूछताछ हुई।

सीसीटीवी से मिला पहला सुराग

जांच के दौरान दो संदिग्ध लोगों के फ्लैट में दाखिल होने की जानकारी सामने आई। इनमें से एक की पहचान विशाल के तौर पर हुई।

विशाल पहले विनीत मिनोचा के घर काम कर चुका था। करीब छह साल पहले चोरी के आरोप के बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया था।

पुलिस के मुताबिक, इसके बावजूद उसका परिवार से संपर्क बना रहा। वह मृतक के बेटे और बहू के संपर्क में भी था।

जांच में पुलिस को यह जानकारी भी मिली कि विशाल को घर की व्यवस्था और आने-जाने के तरीके की जानकारी थी।

परिवार के बाहर निकलने के बाद पहुंचे आरोपी

पुलिस की जांच के मुताबिक, शनिवार रात करीब 9:36 बजे सुब्रत, शालू और उनका छह साल का बेटा पार्टी के लिए घर से निकले।

इसके करीब 10 मिनट बाद दो संदिग्ध फ्लैट की ओर जाते दिखाई दिए। पुलिस का दावा है कि दोनों घर के अंदर पहुंचे और कारोबारी के लौटने का इंतजार करने लगे।

जांच के मुताबिक, दोनों आरोपी करीब 72 से 75 मिनट तक घर के अंदर छिपे रहे।

करीब 11 बजे घर लौटे विनीत

पुलिस के अनुसार, विनीत मिनोचा रात करीब 10:58 बजे घर पहुंचे। इसके बाद कुछ ही देर में उन पर हमला कर दिया गया।

जांच में हत्या का पूरा घटनाक्रम करीब 112 मिनट के आसपास का बताया गया है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी वारदात के बाद वहां से निकल गए। बाद में दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

डुप्लीकेट चाबी से प्रवेश का दावा

जांच में फ्लैट की चाबी भी अहम कड़ी बनकर सामने आई। पुलिस का दावा है कि विशाल के पास घर की डुप्लीकेट चाबी थी।

इसी चाबी के जरिए वह अपने साथी के साथ अंदर दाखिल हुआ था। पुलिस के अनुसार, इससे हत्या की पहले से तैयारी किए जाने का शक मजबूत हुआ।

पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हथियार और आरोपियों के खून से सने कपड़े बरामद करने का भी दावा किया है।

हत्या के पीछे लूट नहीं, पारिवारिक विवाद का शक

पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल हत्या की वजह को लेकर था। घर में हत्या हुई, लेकिन लूट का कोई स्पष्ट मामला सामने नहीं आया।

विनीत मिनोचा लंबे समय से दवा कारोबार से जुड़े थे। वह कानपुर के प्रमुख दवा कारोबारियों में गिने जाते थे।

जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को परिवार के भीतर चल रहे विवाद की जानकारी मिली। पुलिस का दावा है कि बेटे और बहू के खर्च को लेकर घर में मतभेद थे।

खर्चों को लेकर नाराजगी का आरोप

पुलिस के मुताबिक, विनीत अपने बेटे को खर्च के लिए सीमित पैसे देते थे। बहू के खर्च और निजी गतिविधियों को लेकर भी रोक-टोक की बात सामने आई है।

जांच एजेंसी का दावा है कि इसी वजह से शालू नाराज थी। पुलिस के अनुसार, यही नाराजगी बाद में कथित तौर पर हत्या की साजिश में बदल गई।

हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि और अंतिम कानूनी निष्कर्ष अदालत की प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

6 लाख रुपये की सुपारी का दावा

पुलिस जांच में हत्या के लिए 6 लाख रुपये की सुपारी तय होने की बात सामने आई है।

बताया गया है कि 2 लाख रुपये हत्या के बाद देने थे। बाकी 4 लाख रुपये करीब 15 दिन के भीतर देने की बात कही गई थी।

अगर पुलिस का यह दावा जांच और अदालत में साबित होता है, तो इससे हत्या की पहले से बनाई गई योजना की ओर संकेत मिलता है।

पहले प्राकृतिक मौत दिखाने की योजना?

जांच में हत्या की कथित शुरुआती योजना को लेकर भी चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है।

पुलिस के मुताबिक, शुरुआत में कारोबारी को सोते समय तकिए से दबाकर मारने की योजना थी। मकसद मौत को सामान्य या हार्ट अटैक जैसा दिखाना बताया गया है।

हालांकि, यह योजना कथित तौर पर सफल नहीं हो सकी।

बच्चों के कमरे में पहुंचने के बाद बदली कहानी

पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी कारोबारी के सोने का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान विनीत अचानक बच्चों के कमरे की ओर चले गए।

कमरे का दरवाजा थोड़ा खुला था। विनीत के अंदर पहुंचते ही वहां छिपे दोनों आरोपी सामने आ गए।

पुलिस के मुताबिक, इसके बाद दोनों ने उन पर चाकू से हमला कर दिया।

गले और सीने पर चाकू से हमला

विनीत मिनोचा के शरीर पर चाकू से कई वार किए जाने की बात सामने आई है। उनके गले और सीने समेत शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान मिले।

हमले के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और फॉरेंसिक जांच कराई।

गार्ड से भी हुई पूछताछ

हत्याकांड की जांच में अपार्टमेंट के गार्ड का बयान भी अहम माना जा रहा है।

पुलिस के मुताबिक, गार्ड को पहले फोन करके एक व्यक्ति के अपने दोस्त के साथ आने की जानकारी दी गई थी।

उसे कथित तौर पर दोनों को अंदर जाने देने के लिए कहा गया था। साथ ही रजिस्टर में एंट्री नहीं करने की बात कही गई थी।

पुलिस अब इस जानकारी को सीसीटीवी और कॉल रिकॉर्ड से जोड़कर जांच रही है।

आरोपियों ने पूछताछ में क्या बताया?

पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बहू की भूमिका के बारे में जानकारी दी।

आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि उन्हें हत्या के लिए परिवार की ओर से कहा गया था। पुलिस ने इन बयानों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया।

हालांकि, केवल पुलिस पूछताछ में दिए गए बयान को अंतिम सबूत नहीं माना जा सकता। मामले में अन्य साक्ष्यों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी।

पुलिस ने शालू को किया गिरफ्तार

जांच में शालू का नाम सामने आने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया।

पुलिस ने उस पर हत्या की साजिश में शामिल होने और आरोपियों को तैयार करने का आरोप लगाया है।

इस गिरफ्तारी के साथ मामला बाहरी हमलावरों से आगे बढ़कर कथित पारिवारिक साजिश तक पहुंच गया है।

पुराने नौकर ने निभाई अहम भूमिका?

पुलिस के अनुसार, विशाल इस वारदात की अहम कड़ी है। वह पहले विनीत के घर काम कर चुका था।

नौकरी से निकाले जाने के बाद भी उसका परिवार से संपर्क बना रहा। पुलिस का दावा है कि इसी वजह से उसे घर की जानकारी थी।

जांच के मुताबिक, विशाल ने अपने साथी राजकिशोर को भी इस काम में शामिल किया था।

पार्टी के दौरान बनाया गया मौका

पुलिस की जांच के अनुसार, परिवार के घर से बाहर जाने का समय हत्या की योजना का हिस्सा था।

सुब्रत, शालू और उनका बच्चा पार्टी के लिए निकले। कुछ देर बाद दोनों आरोपी घर के अंदर पहुंचे।

उन्होंने काफी समय तक विनीत के लौटने का इंतजार किया। कारोबारी के घर पहुंचने के बाद उन पर हमला कर दिया गया।

सुबह सामने आया पूरा मामला

परिवार के मुताबिक, सुबह करीब 4 बजे बेटा और बहू वापस घर पहुंचे। घर का दरवाजा खुला हुआ था।

अंदर जाने पर विनीत मिनोचा खून से लथपथ मिले। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। सीसीटीवी फुटेज और दूसरे साक्ष्यों की जांच शुरू की गई।

24 घंटे के भीतर आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने सीसीटीवी और अन्य सुरागों की मदद से दोनों संदिग्धों की पहचान की।

इसके बाद उनकी तलाश शुरू हुई। पुलिस के मुताबिक, जवाहरपुरम के आसपास दोनों आरोपियों से मुठभेड़ हुई।

दोनों के पैरों में गोली लगने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान पुलिस ने हत्या से जुड़े कई पहलुओं की जानकारी मिलने का दावा किया।

अब जांच में ये तीन नाम अहम

इस मामले में शालू, विशाल और राजकिशोर की भूमिका जांच के केंद्र में है।

पुलिस शालू को कथित साजिश का मुख्य आरोपी बता रही है। विशाल पर हत्या को अंजाम देने में शामिल होने का आरोप है।

राजकिशोर पर भी विशाल के साथ मिलकर वारदात करने का आरोप लगाया गया है।

फिलहाल मामले में पुलिस की जांच जारी है। आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होने वाली सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर होगी।

रोती बहू से हत्या की आरोपी तक पहुंची जांच

विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच कई मोड़ों से होकर गुजरी है। शुरुआत में शक बाहरी हमलावरों पर था।

सीसीटीवी और पूछताछ के बाद जांच परिवार के करीब पहुंची। पुलिस अब बहू समेत कई लोगों की भूमिका को लेकर अपनी जांच आगे बढ़ा रही है।

6 लाख रुपये की कथित सुपारी, डुप्लीकेट चाबी और पुराने नौकर की भूमिका इस मामले की अहम कड़ियां बताई जा रही हैं।

अब इस हत्याकांड की पूरी सच्चाई अदालत में सामने आएगी।