ईरान के इशारे पर ट्रंप की हत्या का प्लान
Pakistani Man Convicted: अमेरिका में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक पाकिस्तानी नागरिक को पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और अन्य शीर्ष अमेरिकी नेताओं की हत्या की साजिश रचने का दोषी ठहराया गया है। अमेरिकी अदालत ने इस मामले में 48 वर्षीय आसिफ रजा मर्चेंट को गंभीर आरोपों में दोषी पाया है। जांच में यह भी सामने आया कि इस साजिश के पीछे ईरान से जुड़े संगठन का हाथ था।
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, आसिफ रजा मर्चेंट का संबंध Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) से बताया गया है। जांच में पता चला कि वह इस संगठन का प्रशिक्षित सदस्य था। आरोप है कि उसे अमेरिका में राजनीतिक हत्याओं को अंजाम देने के मकसद से भेजा गया था। बताया जा रहा है कि यह साजिश 2020 में मारे गए ईरानी कुद्स फोर्स कमांडर Qasem Soleimani की मौत का बदला लेने के लिए रची गई थी। सुलेमानी की हत्या के बाद से ही ईरान और अमेरिका के बीच तनाव काफी बढ़ गया था।
मुकदमे के दौरान सामने आया कि आसिफ रजा मर्चेंट ने कई अमेरिकी नेताओं को संभावित निशाना बनाया था। इनमें पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump, पूर्व राष्ट्रपति Joe Biden और संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की पूर्व राजदूत Nikki Haley का नाम शामिल था। अदालत में दिए बयान में मर्चेंट ने कहा कि उसे पूरा यकीन था कि असली लक्ष्य ट्रंप ही थे।
जांच एजेंसियों के मुताबिक आसिफ रजा मर्चेंट अप्रैल 2024 में अमेरिका पहुंचा था। इसके बाद जून 2024 में उसने न्यूयॉर्क में कथित हत्यारों से संपर्क किया। हालांकि जिन लोगों से उसने संपर्क किया, वे वास्तव में अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अंडरकवर अधिकारी थे।
अमेरिकी एजेंसियों ने इस पूरे ऑपरेशन पर नजर रखी हुई थी। जैसे ही मर्चेंट देश छोड़ने की तैयारी कर रहा था, जुलाई 2024 में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
अमेरिकी अटॉर्नी जनरल Pamela Bondi ने कहा कि यह व्यक्ति अमेरिका में राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या की साजिश के इरादे से आया था, लेकिन उसे अमेरिकी कानून व्यवस्था की ताकत का सामना करना पड़ा।
एफबीआई के कार्यवाहक सहायक निदेशक James Barnacle ने कहा कि आसिफ रजा मर्चेंट ने ईरानी शासन के निर्देश पर अमेरिका में किसी बड़े नेता या सरकारी अधिकारी की हत्या की साजिश रची थी।
अमेरिकी अदालत ने मर्चेंट को हत्या के लिए सुपारी देने और अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के प्रयास का दोषी पाया है। यदि अदालत अंतिम सुनवाई में अधिकतम सजा देती है, तो उसे आजीवन कारावास का सामना करना पड़ सकता है।
यह मामला अमेरिका की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ा अलर्ट माना जा रहा है, क्योंकि इसमें अंतरराष्ट्रीय साजिश, ईरान कनेक्शन और अमेरिकी नेताओं को निशाना बनाने की योजना जैसे गंभीर पहलू सामने आए हैं।
ये भी पढ़ें: ईरान युद्ध के बीच 115 रुपये महंगी हुई LPG गैस, जानें घरेलू सिलेंडर के दामों में कितनी हुई बढ़ोतरी
Sikkim Landslide: सिक्किम में लगातार हो रही बारिश के बीच गुरुवार की देर रात बड़ा…
Beta Pictoris b Radio Signal: अंतरिक्ष से मिले एक रहस्यमयी रेडियो सिग्नल ने वैज्ञानिकों का…
Trump Xi Meet: अमेरिका और चीन के बीच जारी तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप…
UAE Company iPhone Gift: ऑफिस में बॉस की मीटिंग का नाम सुनकर आमतौर पर कर्मचारी…
Seema Khanna Election Commission: भारतीय चुनाव आयोग में वोटर लिस्ट और डिजिटल सिस्टम को लेकर…
Mushtaq Khan Death: बॉलीवुड अभिनेता मुश्ताक खान के निधन से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की…