सीएम ममता ने बीवाईएस योजना का किया ऐलान
West Bengal cash transfer News: पश्चिम बंगाल में युवाओं का वोट पाने के लिए ममता सरकार 'कैश ट्रांसफर' जैसी स्कीम लेकर आई है। अप्रैल-मई तक पश्चिम बंगाल में 18वीं विधानसभा का चुनाव होना। एक तरफ जहां राज्य एसआईआर प्रक्रिया को लेकर राज्य सरकार का चुनाव आयोग के साथ मनमुटाव चल रहा है। वहीं, अब ममत बनर्जी की नजऱ राज्य की चौथी बार मुख्यमंत्री बनने पर टिकी हुई है। इसके लिए उनकी सरकार युवाओं को लुभाने के लिए बांग्लार युवा साथी योजना लाई है और इसके तहत योग्य युवाओं के आवेदन भी शुरू हो गए हैं। राज्य में प्रमुख विपक्षी पार्टी बीजेपी ने इस योजना को लेकर सवाल उठाया है। साथ ही कहा है कि चुनाव के दौरान ऐसी योजना का ऐलान चुनावी चाल से कम नहीं है। आज के एक्सप्लेनर में जानिए किस तरह पश्चिम बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्यप्रदेश और तमिलनाडु समेत 11 राज्यों के नक्शे कदम पर बढ़ रहा है।
बांग्लार युवा साथी' योजना में राज्य सरकार की महत्वकांक्षी योजना है। इस योजना के तहत 21 से 40 साल के बेरोजगारों को अगले 5 साल तक हर महीना 1500 रुपये मिलेंगे। ऐसे में यह योजना कॉलेज स्टूडेंट को लाभ पहुंचाएगी जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। एक तरह ये उनके लिए 'पॉकेट मनी' का काम करेगी।
इस योजना में योग्य लाभार्थियों के लिए पूरे प्रदेश के 294 विधानसभा क्षेत्रों में 15 फरवरी से लगने शुरू हो गए है जो 26 फरवरी तक कैंप लगेंगे और उनके आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। इस दौरान स्वनिर्भर बांग्ला कल्याणकारी अभियान के तहत लक्ष्मी भंडार और कृषि श्रमिक सहायता के लिए भी आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि लगभग 27-28 लाख युवा इस योजना के लिए पात्र होंगे और लाभ पाएंगे।
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बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने इस योजना को चुनाव से पहले किया गया वादा बताते हुए सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राज्य में करीब 2.15 करोड़ लोग बेरोजगार हैं। सरकार स्थायी रोजगार देने में विफल रही है। इसलिए ऐसी योजना का ऐलान किया गया है।
पश्चिम बंगाल में अगले डेढ़ माह में विधानसभा के चुनाव होने। ऐसे में सरकार का लोगों के खातों में कैश ट्रांसफर का ऐलान राज्य पर वित्तीय दबाव डालेगा। लेकिन यह सत्तारुढ़ पार्टी का पुनः सत्ता आने की संभावना को भी बढ़ाता भी है। ऐसा हमें हालिया बिहार विधानस चुनाव में देखने को मिला। जहां चुनाव से ठीक पहले 1.56 करोड़ महिलाओं के खातों में ₹10000 की पहली किस्त भेजी गई। बीते दिनों तमिलनाडु में डीएमके सरकार ने 1.31 करोड़ महिलाओं के खाते में 5-5 हजार रुपए खाते में ट्रांसफर किए। यहां भी अप्रैल-मई में विधानसभा के चुनाव होने हैं। इससे पहले महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, हरियाणा व राजस्थान में सत्तारुढ़ दलों ने डायरेक्ट कैश ट्रांसफर वाली योजना का विधानसभा चुनावों से पहले ऐलान किया और इसने सत्ता तक का रास्ता आसान कर दिया। यानी योजनाओं ने वोटरों को लुभाया और उसका असर राजनैतिक दलों के वोट प्रतिशत में इजाफा देखने को मिला। बता दें कि देशभर में अब ऐसे 12 राज्य हैं जो 12 करोड़ से अधिक महिलाओं को 1.9 लाख करोड़ रुपए योजना के जरिए सीधे खाते में दिए जा रहे हैं।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने वर्ष 2024 में कई राज्य सरकारों को चेताया था कि सब्सिडी और कैश ट्रांसफर जैसी योजनाएं का खर्च राज्य की वित्तीय सेहत पर दबाव डालता है। इससे अन्य उत्पादक खर्चों के लिए मौजूदा वित्तीय गुंजाइश भी कम हो सकती है।
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