अध्यात्म

सावन और शिव का क्या है अटूट संबंध? आइए जानें पीछे की दिलचस्प कहानी…

New Delhi : यह बात तो हम सभी को पता है कि सावन का महीना शिव का महीना कहलाया जाता है, लेकिन ऐसा क्यों? आइए जाने दिलचस्प बातें.. भगवान शिव की भक्ति करने वाले भक्त को यह वात जरूर पता होती है कि सावन के महीना महादेव का सबसे ज्यादा प्रिय होता है। कहते है कि इस महीने में जो भी व्यक्ति सच्चे मन से शिव जी की पूजा करता है, उसकी सभी इच्छाएं पूरी होती है।

माता पार्वती की तपस्या से जुड़ा है संबंध

माता सती ने अपने पुनर्जन्म में यह प्रण लिया था कि अगले जन्म में वह भगवान शिव की पत्नी का रूप में जन्म लेंगी। इसके लिए उन्होंने अपने शरीर का त्याग कर हिमालय राज के घर पार्वती के रूप में जन्म लिया। माना जाता है कि माता पार्वती ने सावन के महीने में तपस्या को पति के रूप में पाने की कठिन तपस्या की। उनकी तपस्या से खुश होकर ही भगवान शिव ने उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया था।

रुद्र रुप और श्योनत्सव का महत्व

एक धार्मिक मान्यता के अनुसार, देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते है और चर्तुदशी को भगवान शिव भी विश्राम के लिए चले जाते है। इसको श्योनत्सव कहा जाता है। इस दौरान भगवान शिव अपने रौद्र अवतार में होते है। इस दौरान वह सबसे ज्यादा खुश और अगर पूजा के दौरान कोई गलती हो जाए तो यह उतने ही ज्यादा क्रोधित हो जाते है। इसके लिए सावन के महीने में रुद्राभिषेक का खास महत्व है जिसके कारण लोग भगवान शिव को प्रसन्न कर उनका आशीर्वाद ले सके।

पृथ्वी का आगमन और समुद्र मंथन

कथाओं के अनुसार, माना जाता है कि समुद्र मंथन दौरान समुद्र में से निकला विष भगवान शिव ने सावन के महीने में ही पिया था। और तो और सावन के महीने में ही पहली बार भगवान शिव पृथ्वी लोक अपने ससुराल हिमालय राज आए थे। माना जाता है कि हर साल सावन के महीने में भगवान शिव पृथ्वी लोक आकर अपने भक्तों को आशीर्वाद देते है। वहीं कुछ लोग मानते हैं कि सावन में ही मर कंडू ऋषि के पुत्र मार्कण्डेय ने कठोर तपस्या कर भगवान शिव से अमरता वरदान प्राप्त किया था।

 

Jyoti Karki

ज्योति कार्की एक युवा पत्रकार हैं जो स्वास्थ्य, महिला और बाल कल्याण की खबरों में विशेषज्ञता रखती हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की शिक्षा प्राप्त करने के बाद, उन्होंने मीडिया जगत में अपना कदम रखा है। ज्योति ने हिंदुस्तान, एनडीटीवी और इंडिया टीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से इंटर्नशिप की है। इसके अतिरिक्त, नोएडा में लोकल रिपोर्टिंग का अनुभव प्राप्त करके उन्होंने जमीनी स्तर की पत्रकारिता की बारीकियों को समझा है।वर्तमान में ज्योति न्यूज इंडिया के साथ रिपोर्टर और कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं। शिक्षा के प्रति उनका जुनून निरंतर बना रहता है और वे डेवलपमेंट जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं। ज्योति डिजिटल मीडिया में भी सक्रिय हैं। वे पॉडकास्ट और वीडियो इंटरव्यू का निर्माण भी करती हैं।

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