दिल्ली/NCR

वॉट्सऐप ग्रुप, 40 करोड़ की ठगी और 35 गिरफ्तारी… दिल्ली पुलिस ने ऐसे खोला साइबर गैंग का राज

दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने एक बड़े ऑनलाइन ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने वॉट्सऐप ग्रुप बनाकर लोगों को निवेश और अधिक मुनाफे का झांसा दिया और देशभर के कई लोगों से लगभग 40 करोड़ रुपये की ठगी की। इस मामले में अब तक 35 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया कि ठग पहले सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों से संपर्क करते थे। इसके बाद उन्हें एक विशेष वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ा जाता था, जहां नकली लाभ के स्क्रीनशॉट, फर्जी विशेषज्ञों की सलाह और झूठे निवेश अवसर दिखाए जाते थे। पुलिस के अनुसार, गिरोह ऐसे नामों वाले वॉट्सऐप ग्रुप बनाता था जो निवेश और ट्रेडिंग से जुड़े प्रतीत हों। ग्रुप में मौजूद कई सदस्य वास्तव में गैंग के ही लोग होते थे।

ग्रुप में क्या होता था

फर्जी निवेश सलाह साझा की जाती थी। नकली मुनाफे के स्क्रीनशॉट भेजे जाते थे,कथित विशेषज्ञ खुद को भरोसेमंद बताकर निवेश के लिए प्रेरित करते थे , शुरुआती चरण में कुछ लोगों को छोटे लाभ दिखाकर विश्वास जीता जाता था।

कैसे की गई 40 करोड़ रुपये की ठगी

पीड़ितों को शेयर, ट्रेडिंग, क्रिप्टो या अन्य निवेश योजनाओं में भारी रिटर्न का वादा किया जाता था। जब वे बड़ी रकम जमा कर देते, तो धन निकालने में समस्याएं शुरू हो जाती थीं।
साइबर अपराध की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, डिजिटल लेनदेन और ऑनलाइन संचार की जांच की। तकनीकी विश्लेषण और कई राज्यों में समन्वित कार्रवाई के बाद संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया।

35 गिरफ्तारियां और बड़ा नेटवर्क

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की भूमिकाएं अलग-अलग थीं फर्जी खाते उपलब्ध कराना, कॉल करना और निवेश के लिए मनाना, वॉट्सऐप ग्रुप संचालित करना,धन का स्थानांतरण करना, जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि नेटवर्क का संचालन कहां से किया जा रहा था और इसमें अन्य लोग शामिल हैं या नहीं।

किन लोगों को बनाया गया निशाना

ऐसे मामलों में आमतौर पर उन लोगों को निशाना बनाया जाता है जो तेजी से अधिक लाभ कमाने की उम्मीद रखते हैं। ठग पेशेवर भाषा और नकली दस्तावेजों का उपयोग करके विश्वास पैदा करते हैं।

जांच अभी जारी

पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी का कुल दायरा कितना बड़ा है और कितने लोग इससे प्रभावित हुए। बैंक खातों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच जारी है।

वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए 40 करोड़ रुपये की कथित साइबर ठगी का यह मामला दिखाता है कि ऑनलाइन निवेश के नाम पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की जा सकती है। दिल्ली पुलिस द्वारा 35 लोगों की गिरफ्तारी इस दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई है। निवेश करने से पहले पूरी जांच और सतर्कता अत्यंत आवश्यक है।

Lavanya Dayal

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