WhatsApp Telegram investment scam: अगर आपको अचानक WhatsApp या Telegram पर किसी अनजान ग्रुप में जोड़कर कहा जाए कि कुछ ही दिनों में आपका पैसा कई गुना हो जाएगा, या 'VIP Stock Tips', 'Guaranteed Returns' और 'Exclusive Investment Opportunity' जैसे ऑफर दिए जाएं, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। गृह मंत्रालय (MHA) के तहत काम करने वाले इंडियन साइबर क्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने ऐसे ऑनलाइन निवेश घोटालों को लेकर देशभर के लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
I4C के अनुसार, साइबर अपराधी अब मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर रहे हैं।
कैसे शुरू होती है यह ठगी?
ठग सबसे पहले लोगों को किसी अनजान WhatsApp या Telegram ग्रुप में जोड़ते हैं। इन ग्रुपों में कुछ लोग खुद को शेयर बाजार विशेषज्ञ, निवेश सलाहकार या बड़ी वित्तीय कंपनियों के प्रतिनिधि बताते हैं। इसके बाद रोजाना शेयर बाजार से जुड़ी टिप्स, निवेश सलाह, नकली स्क्रीनशॉट और फर्जी मुनाफे के आंकड़े साझा किए जाते हैं।
ग्रुप में पहले से मौजूद कई सदस्य भी ठगों के साथी होते हैं। वे दावा करते हैं कि उन्होंने लाखों रुपये का मुनाफा कमाया है। इसका मकसद नए लोगों का भरोसा जीतना और उन्हें निवेश के लिए तैयार करना होता है।
'Guaranteed Returns' सबसे बड़ा खतरे का संकेत
I4C ने स्पष्ट किया है कि शेयर बाजार या किसी भी निवेश में 'Guaranteed Returns' का दावा सबसे बड़ा रेड फ्लैग है। शेयर बाजार हमेशा जोखिम पर आधारित होता है और कोई भी वैध ब्रोकर, निवेश सलाहकार या वित्तीय संस्था निश्चित या असाधारण मुनाफे की गारंटी नहीं देती। यदि कोई 100 प्रतिशत सुरक्षित निवेश या तय लाभ का दावा करे, तो उसे संदेह की नजर से देखना चाहिए।
Private Link से डाउनलोड कराते हैं फर्जी ट्रेडिंग ऐप
जांच एजेंसियों के मुताबिक, ठग निवेशकों को Google Play Store या Apple App Store की बजाय निजी (Private) लिंक के जरिए ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करने के लिए कहते हैं। ये ऐप दिखने में बिल्कुल असली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म जैसे लगते हैं, लेकिन इन्हें साइबर अपराधियों ने बनाया होता है।
ऐप में नकली मुनाफा दिखाकर निवेशकों को और ज्यादा पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया जाता है। ऐसे ऐप न केवल पैसे की ठगी करते हैं, बल्कि मोबाइल फोन और उसमें मौजूद निजी जानकारी को भी खतरे में डाल सकते हैं।
पहले भरोसा, फिर बड़ी ठगी
I4C के मुताबिक, ठगी एक तय रणनीति के तहत होती है। शुरुआत में निवेशक की छोटी राशि पर फर्जी मुनाफा दिखाया जाता है। कई बार थोड़ी रकम निकालने भी दी जाती है, ताकि उसका भरोसा मजबूत हो जाए।
इसके बाद निवेशक को बड़ी रकम लगाने के लिए कहा जाता है। जब वह लाखों रुपये जमा कर देता है और पैसा निकालने की कोशिश करता है, तब उससे टैक्स, प्रोसेसिंग फीस, अकाउंट वेरिफिकेशन या अन्य शुल्क के नाम पर और पैसे मांगे जाते हैं। हर भुगतान के बाद नई मांग सामने आती है। आखिर में अकाउंट ब्लॉक कर दिया जाता है और ठग संपर्क तोड़ देते हैं।
मुंबई के रिटायर्ड वैज्ञानिक भी हुए शिकार
लोगों को जागरूक करने के लिए I4C ने मुंबई के एक सेवानिवृत्त वैज्ञानिक का मामला भी साझा किया। अधिकारियों के अनुसार, उन्हें एक अनजान WhatsApp ग्रुप में जोड़ा गया, जहां खुद को निवेश विशेषज्ञ बताने वाले लोगों ने अधिक मुनाफे का लालच दिया।
बाद में उन्हें एक निजी लिंक के जरिए फर्जी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कराया गया। ऐप में लगातार भारी मुनाफा दिखाया गया, जिससे उनका भरोसा बढ़ा और उन्होंने बड़ी रकम निवेश कर दी। लेकिन जैसे ही उन्होंने पैसा निकालने की कोशिश की, उनका अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया और उनकी मेहनत की कमाई फंस गई।
लोग आखिर क्यों फंस जाते हैं?
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ठग केवल तकनीक का नहीं, बल्कि लोगों की भावनाओं और लालच का भी फायदा उठाते हैं। जल्दी पैसा कमाने की इच्छा, शेयर बाजार की सीमित जानकारी और सोशल मीडिया पर दिखने वाली सफलता की कहानियां लोगों को प्रभावित करती हैं। कई लोग बिना जांच-पड़ताल के निवेश कर देते हैं और साइबर अपराधियों का आसान शिकार बन जाते हैं।
I4C की अहम सलाह
- किसी अनजान WhatsApp या Telegram ग्रुप की निवेश सलाह पर भरोसा न करें।
- 'Guaranteed Returns', 'VIP Stock Tips' और 'Exclusive Investment Opportunity' जैसे दावों से सावधान रहें।
- ट्रेडिंग ऐप केवल Google Play Store या Apple App Store जैसे आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही डाउनलोड करें।
- निजी लिंक से भेजे गए ऐप इंस्टॉल न करें।
- निवेश से पहले ब्रोकर और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की वैधता की जांच करें।
- किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे ट्रांसफर न करें।
- यदि पैसा निकालने के लिए टैक्स, प्रोसेसिंग फीस या वेरिफिकेशन चार्ज मांगा जाए, तो इसे ठगी का संकेत समझें।
असली ब्रोकर ऐसी मांग नहीं करते
I4C ने कहा है कि कोई भी वैध स्टॉक ब्रोकर या वित्तीय संस्था ग्राहकों को उनका ही पैसा निकालने के लिए अतिरिक्त रकम जमा करने के लिए नहीं कहती। यदि कोई ऐसा करता है, तो उसके साइबर ठग होने की आशंका लगभग तय है।
ठगी हो जाए तो क्या करें?
यदि आपके साथ ऐसी साइबर ठगी हो जाए या किसी निवेश प्लेटफॉर्म पर संदेह हो, तो तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। जितनी जल्दी शिकायत होगी, पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी अधिक होगी।
पीड़ित राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव
I4C का कहना है कि पहले जहां साइबर ठगी ईमेल और एसएमएस के जरिए होती थी, वहीं अब WhatsApp और Telegram जैसे प्लेटफॉर्म ठगों का नया हथियार बन चुके हैं। इसलिए किसी भी निवेश से पहले हर जानकारी की स्वतंत्र रूप से जांच करें, लालच में न आएं और यह जानकारी अपने परिवार व दोस्तों के साथ भी साझा करें। याद रखें, बिना जोखिम के असाधारण या 'गारंटीड' मुनाफे का दावा करने वाली योजना निवेश नहीं, बल्कि साइबर ठगी का जाल भी हो सकती है।

