सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में कटौती कर दी है। शनिवार से लागू नई दरों के तहत पेट्रोल के निर्यात पर शुल्क पूरी तरह खत्म कर दिया गया है, जबकि डीजल और ATF पर भी टैक्स घटाया गया है। सरकार के इस फैसले से निर्यातक कंपनियों को राहत मिलने की उम्मीद है सरकार के इस फैसले से निर्यातक कंपनियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जबकि आम जनता पर इसके सीधे असर की स्थिति अलग बनी हुई है।
आम जनता पर नहीं पड़ेगा सीधा असर
विंडफॉल टैक्स में इस कटौती का आम जनता पर सीधे तौर पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इसका फायदा मुख्य रूप से पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात करने वाली कंपनियों को मिलने की उम्मीद है। सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और हालात पर नजर बनाए हुए है, ऐसे में आने वाले दिनों में टैक्स की दरों में और बदलाव संभव है।
पिछली बार बढ़ाया गया था विंडफॉल टैक्स
इससे पहले 3 अगस्त को सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स 2.5 रुपये से बढ़ाकर 3.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया था। वहीं, डीजल पर शुल्क में करीब 10 रुपये की बड़ी बढ़ोतरी करते हुए इसे 15.5 रुपये से बढ़ाकर 25.5 रुपये प्रति लीटर किया गया था।
ATF पर भी हुई थी बड़ी बढ़ोतरी
एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर भी शुल्क 14.5 रुपये से बढ़ाकर 22 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया था। अब सरकार ने पेट्रोल, डीजल और ATF तीनों के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स में कटौती की है। अब विंडफॉल टैक्स की बदली दरों का असर मुख्य रूप से निर्यातक कंपनियों के मुनाफे और सरकार के राजस्व पर कैसे पड़ेगा, यह अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों पर निर्भर करेगा।

