Monday, Sep 28

होम = News Big = ‘जनता नकारे तो EVM को दोष क्यों?’ SIR और चुनाव आयोग पर CM योगी का विपक्ष पर हमला

‘जनता नकारे तो EVM को दोष क्यों?’ SIR और चुनाव आयोग पर CM योगी का विपक्ष पर हमला

by | Sep 27, 2026 | News Big

Yogi Adityanath EVM: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान SIR को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े कर रहा है। CM योगी ने SIR को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी कार्रवाई पहली बार नहीं हुई है। इसके बावजूद कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य दलों की ओर से इस मुद्दे पर हंगामा किया जा रहा है।

हार के बाद EVM पर सवाल क्यों

CM योगी ने कहा कि अगर जनता किसी राजनीतिक दल को उसके काम, भ्रष्टाचार या किसी अन्य वजह से खारिज करती है तो इसके लिए चुनाव आयोग और EVM को जिम्मेदार ठहराना कितना उचित है, इस पर विपक्ष को आत्मावलोकन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने पर विपक्ष इसे अपना पुरुषार्थ बताता है, लेकिन हार मिलने पर EVM और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए जाते हैं।

EVM को 'ब्लैक बॉक्स' कहने पर सवाल

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिस EVM के जरिए विपक्षी दलों को कई बार सरकार बनाने का अवसर मिला, उसी को 'ब्लैक बॉक्स' कहना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयुक्त SIR और मतदाताओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं। इसके बावजूद चुनाव आयोग को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।

इमरजेंसी और राफेल का किया जिक्र

CM योगी ने कांग्रेस के इतिहास का जिक्र करते हुए 25 जून 1975 की इमरजेंसी का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया गया। इसके साथ ही उन्होंने 2019 के राफेल मामले में CAG की रिपोर्ट पर उठाए गए सवालों और बालाकोट एयरस्ट्राइक को लेकर भारतीय सेना के शौर्य पर सवाल उठाने का भी जिक्र किया।

संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा रखने की अपील

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में तोड़फोड़ और हिंसा की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों से गैर-जिम्मेदाराना गतिविधियों को नियंत्रित करने की अपील की। साथ ही कहा कि संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए और विपक्षी दलों को अपने रवैये के लिए जनता तथा संवैधानिक संस्थाओं से माफी मांगनी चाहिए।

ये भी पड़े: विश्वविद्यालयों में छात्रों का प्रदर्शन, हंगामे के बाद आगजनी-तोड़फोड़ से मची अफरा-तफरी