UAPA Terrorists List: केंद्र सरकार ने शनिवार को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत 23 पाकिस्तान-आधारित व्यक्तियों को आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित किया। इनमें 17 पाकिस्तानी नागरिक और 6 भारतीय नागरिक शामिल हैं। इन नए नामों के जुड़ने के बाद UAPA के तहत सूचीबद्ध व्यक्तिगत आतंकवादियों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सभी 23 नामित आतंकवादी फिलहाल पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) से भारत विरोधी गतिविधियां संचालित कर रहे हैं।
सूची में शामिल भारतीयों में सबसे चर्चित नाम 40 वर्षीय मोहम्मद शहीद फैसल का है, जो बेंगलुरु का पूर्व सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और वर्तमान में पाकिस्तान के रावलपिंडी में रह रहा है। गृह मंत्रालय के अनुसार, वह लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़ा है तथा उसके अल-कायदा और ISIS मॉड्यूल से भी संबंध हैं।
सरकार के मुताबिक, फैसल सोशल मीडिया के जरिए युवाओं की भर्ती करता है, पाकिस्तान में हथियारों का प्रशिक्षण दिलवाता है, आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन जुटाता है और जांच एजेंसियों से बचने के लिए डेटा एन्क्रिप्शन व फर्जी पहचान का प्रशिक्षण देता है। उस पर हथियार और गोला-बारूद की आपूर्ति तथा कई आतंकी साजिशों में शामिल होने का भी आरोप है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उसे 1 मार्च 2024 को बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे IED विस्फोट मामले के आतंकी मॉड्यूल का कथित हैंडलर बताया है। NIA उसे 2012 से तलाश रही है और उसकी गिरफ्तारी पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित है। वह 2004-08 के दौरान एम.एस. रामैया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग करने के बाद कुछ वर्ष बेंगलुरु में सॉफ्टवेयर इंजीनियर रहा। बाद में वह सऊदी अरब गया और फिर पाकिस्तान चला गया।
अन्य पांच भारतीय सभी जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं। इनमें फिरदौस अहमद भट (कुलगाम), हारून राशिद गनई उर्फ शुनू (अनंतनाग), बिलाल अहमद मीर उर्फ अहमद भाई (सोपोर), आबिद कय्यूम लोन (बारामूला) और नजीर अहमद गुज्जर उर्फ मुनाजिल (डोडा) शामिल हैं।
सरकार ने जैश-ए-मोहम्मद के वरिष्ठ सदस्य मसूद इलियास कश्मीरी को भी आतंकवादी घोषित किया है। उस पर युवाओं की भर्ती, भारत में घुसपैठ कराने और अप्रैल 2022 के सुनजवां सैन्य स्टेशन हमले में भूमिका का आरोप है।
इसके अलावा मोहम्मद मुसद्दिक उर्फ डॉक्टर, मुफ्ती मोहम्मद असगर खान उर्फ अबू साद (2016 नागरोटा सेना शिविर हमले से जुड़ा), हाफिज अब्दुल शकूर उर्फ कारी जर्रार, अब्दुल्ला जेहादी, गुलाम फरीद, मौलाना इमदाद उल्लाह मक्की और वसीम नूर जाट को भी सूची में शामिल किया गया है। इन पर घुसपैठ, ड्रोन से हथियार भेजने, भर्ती, प्रशिक्षण, आतंकी शिविर चलाने और हमलों की साजिश रचने जैसे आरोप हैं।
लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े अब्दुल रऊफ (हाफिज सईद का करीबी), हाफिज खालिद वलीद, मौलाना सैफुल्लाह खालिद, मोहम्मद याकूब, मौलाना यूसुफ तैबी, ओवैस फारूक, कारी याकूब शेख, राणा इफ्तिखार और अशफाक अहमद को भी आतंकवादी घोषित किया गया है। इन पर आतंकवादी गतिविधियों की योजना, वित्तपोषण, तकनीकी सहायता, हथियारों की आपूर्ति, युवाओं को कट्टरपंथ के लिए प्रेरित करने और विभिन्न आतंकी संगठनों के बीच समन्वय का आरोप है।
गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 केंद्र सरकार को किसी व्यक्ति को आतंकवादी घोषित करने का अधिकार देता है, यदि उसके आतंकवाद में शामिल होने के पर्याप्त आधार हों। 2019 में कानून में संशोधन के बाद पहली बार व्यक्तिगत आतंकवादियों को भी सूचीबद्ध करने का प्रावधान जोड़ा गया था। इससे पहले केवल संगठनों को ही आतंकवादी घोषित किया जा सकता था।
किसी व्यक्ति का नाम सूची में शामिल होने के बाद NIA उसकी वित्तीय संपत्तियां फ्रीज कर सकती है, हथियारों की बिक्री पर रोक लगा सकती है और उसकी संपत्तियां जब्त करने की कार्रवाई कर सकती है।
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