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Babri Masjid Demolition Anniversary : बाबरी विध्वंस की 33वीं बरसी; अयोध्या समेत प्रमुख शहरों में हाई अलर्ट, UP में सुरक्षा टाइट

Babri Masjid Demolition Anniversary  : बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी के चलते अयोध्या (राम जन्मभूमि), मथुरा (श्री कृष्ण जन्मभूमि) और पूरे उत्तर प्रदेश में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।अयोध्या और मथुरा के अलावा वाराणसी, लखनऊ, मेरठ, अलीगढ़, आगरा, कानपुर और प्रयागराज जैसे बड़े शहरों में भी पुलिस और प्रशासन ने खास सतर्कता बरती है। 22 साल पहले, 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन से जुड़े कारसेवकों ने बाबरी मस्जिद ढहा दी थी।

अयोध्या में कड़ी सुरक्षा

अयोध्या में 4 दिसंबर से सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है। राम मंदिर के निर्माण के बाद, खासकर धर्म ध्वजा की स्थापना के साथ, मंदिर अब पूरी तरह तैयार हो चुका है। इस वजह से सुरक्षा एजेंसियां ज्यादा सतर्क हैं। अयोध्या के एसएसपी गौरव ग्रोवर ने बताया कि जिले के सभी थानों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

चार दिसंबर से निगरानी बढ़ाई गई है और आज सुरक्षा घेरा और कड़ा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दौरान आम लोगों को परेशानी नहीं होगी।

CM योगी ने सुरक्षा बढ़ाने के दिए निर्देश

सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश पर, 6 दिसंबर को शौर्य दिवस/काला दिवस के मौके पर अयोध्या और अवध क्षेत्र के प्रतापगढ़ में पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। आईपीएस प्रशांत राज और अन्य पुलिस अधिकारियों ने संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण किया और कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से भी शांति बनाए रखने और सहयोग करने की अपील की है।

अयोध्या और मथुरा में सुरक्षा कड़ी

अयोध्या में होटल, ढाबे, गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं की लगातार जांच की जा रही है। शहर के प्रवेश द्वारों पर वाहनों की निगरानी भी की जा रही है। अयोध्या में पैदल गश्त की जा रही है और पुलिसकर्मियों को राम मंदिर मार्ग और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि–शाही ईदगाह परिसर को भी संवेदनशील माना गया है। मंदिर और अन्य जगहों पर ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है। राज्य भर में रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, जिला सीमाएं, बाज़ार और सार्वजनिक स्थल पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है।

क्यों है 6 दिसंबर संवेदनशील?

हाल ही में दिल्ली में लाल किले के पास कार विस्फोट के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कुछ हिंदू संगठन 6 दिसंबर को “शौर्य दिवस” मनाते हैं, जबकि कुछ मुस्लिम समूह इसे “काला दिवस” के रूप में याद करते हैं। इस वजह से 6 दिसंबर कानून और व्यवस्था के लिए संवेदनशील दिन बन जाता है।

Kajal Sharma

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