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दिल्ली-लखनऊ की लड़ाई जापान लेकर चले गए…सीएम योगी की मैग्लेव ट्रेन यात्रा पर अखिलेश यादव ने कसा तंज

Akhilesh Yadav Criticism: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जापान यात्रा को लेकर तंज कसा है। सीएम योगी ने 26 फरवरी, गुरुवार को जापान में मैग्लेव ट्रेन का अनुभव लिया। इस यात्रा को लेकर अखिलेश यादव ने भारत में निर्माणाधीन बुलेट ट्रेन परियोजना का जिक्र करते हुए टिप्पणियाँ की।

अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि “माना इंडिया में बुलेट ट्रेन की गति कछुए की चाल जैसी है, लेकिन दिल्ली-लखनऊ की राजनीतिक खींचातानी का मतलब यह नहीं कि कोई विदेश की धरती पर जाकर इसे लेकर टिप्पणी करे।” उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी नेताओं के आपसी झगड़े को विश्व मंच पर नहीं ले जाना चाहिए। उनके अनुसार, दो अलग-अलग दिशा में जा रहे लोग वास्तव में अलग दिशा में ही आगे बढ़ते हैं। अखिलेश यादव की यह टिप्पणी राजनीतिक और तकनीकी दोनों दृष्टियों से सीएम योगी की यात्रा पर तंज के रूप में देखी जा रही है।

सीएम योगी की मैग्लेव अनुभव रिपोर्ट

वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी जापान यात्रा का वीडियो साझा करते हुए बताया कि उन्होंने जापान की एडवांस्ड SCMAGLEV ट्रेन का अनुभव किया, जो 501 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है। उन्होंने कहा कि यह नई पीढ़ी की हाई स्पीड ट्रेन अत्यंत तेज, स्मूद और स्थिर सफर का अनुभव देती है।

सीएम ने वीडियो में बताया कि इस ट्रेन की तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर अत्याधुनिक है और जापान की उन्नत तकनीक के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इतनी गति के बावजूद सफर सहज और आरामदायक था। योगी आदित्यनाथ ने यह भी लिखा कि जब तकनीक इतनी तेजी से आगे बढ़ती है, तो भविष्य और भी करीब महसूस होने लगता है। उन्होंने इस अनुभव को भारत में आगामी हाई स्पीड रेल परियोजनाओं के लिए प्रेरणादायक बताया।

बुलेट ट्रेन परियोजना का संदर्भ

अखिलेश यादव का तंज सीधे तौर पर भारत में दिल्ली-लखनऊ बुलेट ट्रेन परियोजना की धीमी प्रगति पर था। उनका कहना था कि परियोजना में देरी और राजनीतिक विवादों के बीच, विदेश में उच्च गति वाली तकनीक का अनुभव राजनीतिक लाभ के लिए नहीं दिखाना चाहिए। पूर्व सीएम ने इस यात्रा के माध्यम से यह संदेश दिया कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर स्थानीय परियोजनाओं की धीमी प्रगति को लेकर आलोचना या तुलना करना उचित नहीं है।

राजनीतिक और तकनीकी दोनों पहलू

इस पूरे घटनाक्रम में राजनीतिक और तकनीकी दोनों दृष्टिकोण सामने आए हैं। जहां एक ओर मुख्यमंत्री योगी ने अपनी यात्रा के माध्यम से उन्नत तकनीक और भविष्य की हाई-स्पीड ट्रेन योजनाओं की संभावना को उजागर किया, वहीं अखिलेश यादव ने इसे राजनीतिक मंच पर तंज के रूप में प्रस्तुत किया।

इस प्रकार यह घटना न केवल राजनीतिक बहस का विषय बनी, बल्कि भारत में हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं और उनकी प्रगति पर भी ध्यान केंद्रित करने का अवसर प्रदान करती है।

Yas Pal

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