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₹140 लाख करोड़ का दांव! जंग के बीच अमेरिका का सबसे बड़ा रक्षा बजट प्लान, क्या है अंदर की पूरी कहानी?

US Defence Budget: ईरान के साथ बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच अमेरिका ने अपने रक्षा खर्च को लेकर बड़ा और चौंकाने वाला कदम उठाया है। व्हाइट हाउस ने करीब 1.5 ट्रिलियन डॉलर (लगभग ₹140 लाख करोड़) के विशाल रक्षा बजट का प्रस्ताव रखा है। अगर यह मंजूर हो जाता है, तो यह अमेरिकी इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा सैन्य बजट साबित होगा।

क्यों बढ़ाया जा रहा है बजट?

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह प्रस्ताव पिछले साल के मुकाबले लगभग 40% ज्यादा है। इस भारी-भरकम बजट के पीछे कई रणनीतिक कारण बताए जा रहे हैं। अमेरिका अपने गोला-बारूद के भंडार को मजबूत करना चाहता है और साथ ही नौसेना की ताकत बढ़ाने पर भी जोर दे रहा है। इसके अलावा एक नया और महत्वाकांक्षी ‘गोल्डन डोम’ मिसाइल डिफेंस सिस्टम शुरू करने की तैयारी भी इसी बजट का हिस्सा है।

सैनिकों को भी मिलेगा फायदा

इस बजट में सिर्फ हथियारों और तकनीक पर ही नहीं, बल्कि सेना के जवानों पर भी ध्यान दिया गया है। प्रस्ताव में सैन्य कर्मियों की सैलरी में 5% से 7% तक की बढ़ोतरी की बात कही गई है, जिससे उनका मनोबल और मजबूत करने की कोशिश है।

राजनीति का भी बड़ा खेल

इस योजना के तहत करीब 350 अरब डॉलर के हिस्से को कानून के जरिए पास कराने की रणनीति बनाई गई है, ताकि विपक्षी दलों के समर्थन की जरूरत कम पड़े। इसके अलावा न्यूक्लियर हथियारों के रखरखाव और आधुनिकीकरण के लिए भी फंड बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे अमेरिका की परमाणु ताकत और मजबूत हो सके।

कहां-कहां कटेगा खर्च?

दिलचस्प बात यह है कि रक्षा बजट बढ़ाने के साथ-साथ सरकार ने गैर-रक्षा क्षेत्रों में लगभग 10% कटौती का प्रस्ताव रखा है। इसका सीधा असर आम लोगों से जुड़ी योजनाओं पर पड़ सकता है।

• गरीबों को मदद देने वाले कई प्रोग्राम बंद किए जा सकते हैं
• आवास और सामाजिक सेवाओं के बजट में कटौती होगी
• हेल्थकेयर और ऊर्जा सहायता योजनाओं पर भी असर पड़ेगा
• क्लीन एनर्जी और जलवायु रिसर्च के फंड में कमी की जाएगी

इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों पर मिलने वाली सब्सिडी खत्म करने और टैक्स विभाग की फंडिंग घटाने की भी योजना है।

क्या कहती है रणनीति?

एक तरफ अमेरिका यह संकेत देता रहा है कि वह जल्द ही युद्ध से बाहर निकल सकता है, लेकिन दूसरी तरफ इतना बड़ा रक्षा बजट कई सवाल खड़े करता है। यह साफ दिखाता है कि आने वाले समय में अमेरिका अपनी सैन्य ताकत को और आक्रामक तरीके से बढ़ाने की तैयारी में है। अब नजर इस बात पर है कि क्या यह बजट पास होता है और अगर होता है, तो इसका असर सिर्फ अमेरिका ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की राजनीति और सुरक्षा समीकरणों पर पड़ेगा।

ये भी पढ़ें: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को दी धमकी, कहा- सारा इंफ्रास्ट्रक्चर तबाह करेंगे; पुल और पावर प्लांट निशाने पर

Shagun Chaurasia

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