Mumbai: सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए सूचना का अधिकार (RTI) नियमों का विरोध करते हुए बड़ा आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार इन नियमों को वापस नहीं लेती, तो वह 5 जुलाई से अहमदनगर जिले के रालेगण सिद्धि में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करेंगे।
मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
अन्ना हजारे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र भेजकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। उनका कहना है कि 12 जून को लागू किए गए ‘महाराष्ट्र सूचना का अधिकार नियम, 2026’ RTI कानून की मूल भावना और उद्देश्य के विपरीत हैं।
पारदर्शिता पर असर पड़ने की आशंका
हजारे के अनुसार नए नियमों से सरकारी कामकाज में पारदर्शिता कमजोर हो सकती है और आम नागरिकों के लिए जानकारी प्राप्त करना अधिक कठिन बन जाएगा। उन्होंने RTI आवेदन शुल्क बढ़ाए जाने पर भी सवाल उठाया है। उनका कहना है कि सरकार ने फीस बढ़ाने के पीछे कोई स्पष्ट वित्तीय आधार या तर्क प्रस्तुत नहीं किया है।
पहचान पत्र अनिवार्य करने पर आपत्ति
उन्होंने RTI आवेदन के साथ पहचान पत्र जमा करने की अनिवार्यता का भी विरोध किया। हजारे का कहना है कि RTI अधिनियम की धारा 6(2) के अनुसार आवेदक को अपनी निजी जानकारी या आवेदन का कारण बताने की बाध्यता नहीं है। उनके मुताबिक यह व्यवस्था व्हिसलब्लोअर और भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत करने वाले लोगों की सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है।
अन्य प्रावधानों पर भी सवाल
अन्ना हजारे ने ‘एक विषय, एक आवेदन’ नियम को भी अनावश्यक बताया। उनका कहना है कि इससे लोगों को अलग-अलग विषयों के लिए कई आवेदन देने पड़ेंगे, जिससे प्रक्रिया अधिक जटिल और खर्चीली हो जाएगी। उन्होंने अपील खारिज करने, सुनवाई के दौरान कानूनी सहायता पर रोक तथा आवेदक की मृत्यु होने पर मामला समाप्त करने जैसे प्रावधानों की भी आलोचना की है।
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