Ayodhya Medical College Bomb Layout: जानकारी के अनुसार, सुबह करीब आठ बजे एक्स-रे विभाग के इंचार्ज अपनी नियमित ड्यूटी पर पहुंचे। दराज खोलने पर उन्हें एक कागज मिला, जिस पर कथित तौर पर बम बनाने की प्रक्रिया और उसका लेआउट बना हुआ था। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. अरविंद सिंह को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉ. सिंह ने तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचना दी।
तीन लोगों से पूछताछ, एक छात्र मुख्य संदिग्ध
प्रारंभिक जांच में पता चला कि शुक्रवार रात एक्स-रे रूम में फर्स्ट ईयर के छात्र सरफराज की ड्यूटी थी, जो उत्तर प्रदेश के बलरामपुर का निवासी है। पुलिस को आशंका है कि यह दस्तावेज उसी दौरान तैयार किया गया या छात्र का इससे कोई संबंध हो सकता है। पुलिस ने सरफराज को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि रात की ड्यूटी में सरफराज के साथ दो अन्य लोग मौजूद थे। पुलिस ने अस्पताल परिसर से अभिषेक को हिरासत में लिया है, जबकि संतोष से भी लगातार पूछताछ की जा रही है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इन दोनों की इस मामले में क्या भूमिका थी और क्या उन्हें इस दस्तावेज की पहले से जानकारी थी।
हर पहलू से जांच, सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
सीएमएस डॉ. अरविंद सिंह ने बताया कि संदिग्ध दस्तावेज मिलने की सूचना मिलते ही पुलिस को बुलाया गया और कॉलेज प्रशासन जांच में पूरा सहयोग कर रहा है। फिलहाल अयोध्या पुलिस और खुफिया एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि मामला किसी गंभीर साजिश से जुड़ा है या फिर माहौल खराब करने की नीयत से की गई शरारत। घटना के बाद मेडिकल कॉलेज परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की भी नए सिरे से समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोका जा सके।
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