उत्तर प्रदेश

Bareilly Violence : भीड़ जुटाकर राजनीतिक ताकत दिखाना चाहते थे तौकीर रजा, पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम के खुलासे से हड़कंप

Bareilly Violence : बरेली में हुए बवाल को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा पर आरोप है कि वे नमाज के बाद इस्लामिया मैदान में भीड़ इकट्ठा कर अपनी सियासी पकड़ दिखाना चाहते थे। पुलिस पूछताछ में पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम खां ने कई अहम राज खोले हैं।

रसूख दिखाने की कोशिश

नदीम खां के मुताबिक, पिछले डेढ़ साल से मौलाना बरेली में अपने दम पर बड़ी भीड़ जुटाने में नाकाम हो रहे थे। इस कारण वे लगातार चिंतित रहते थे। जब कानपुर से “आई लव मोहम्मद” वाला मुद्दा उठा, तब मौलाना ने इसे मौका मानते हुए पश्चिमी यूपी के मुसलमानों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति बनाई।

चुनावी ताकत साबित करने की तैयारी

सूत्रों के अनुसार, आगामी विधानसभा चुनावों से पहले मौलाना राजनीतिक दलों के सामने अपनी ताकत साबित करना चाहते थे। इसी वजह से उन्होंने नमाज के बाद भीड़ जुटाने की योजना बनाई। नदीम ने पुलिस को बताया कि इस पूरी कवायद के पीछे सियासी लाभ लेने का मकसद था।

फर्जी पत्र का खेल

पुलिस जांच में पता चला है कि प्रदर्शन के दिन प्रशासन को एक पत्र सौंपा गया था, जिस पर पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी लियाकत खां के नकली हस्ताक्षर थे। नदीम और प्रवक्ता डॉ. नफीस ने किसी तीसरे शख्स से यह दस्तखत कराए थे। बाद में मौलाना ने इस पत्र को फर्जी बताते हुए वीडियो जारी किया, जिससे मामला और उलझ गया।

गुटबाजी से बढ़ा विवाद

पुलिस के अनुसार, मौलाना के खास लोगों में दो गुट लंबे समय से बने हुए हैं। एक गुट नदीम और नफीस का है, जबकि दूसरा गुट मुनीर इदरीशी, अनीस सकलैनी और अहसानुल हक का। दोनों गुट एक-दूसरे के खिलाफ मौलाना को भड़काते रहे हैं। इस खींचतान के चलते बरेली में हालात बिगड़े।

आरोपियों की भूमिका पर खुलासा

पूछताछ में नदीम ने खुद को भीड़ जुटाने से अलग बताते हुए कहा कि असल जिम्मेदारी मुनीर इदरीशी और नफीस की थी। वह तो उल्टा लोगों को शांत करने के लिए कॉल कर रहा था। हालांकि पुलिस का कहना है कि नदीम बवाल का अहम आरोपी है और उसके बयानों से आगे की जांच और गिरफ्तारी में मदद मिलेगी।

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पुलिस की सख्त कार्रवाई

एसएसपी अनुराग आर्य (Bareilly Violence) ने बताया कि नदीम से मिली जानकारी के आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। मौलाना तौकीर रजा को पहले ही हाउस अरेस्ट किया जा चुका है। पुलिस का मानना है कि अगर वक्त रहते स्थिति पर काबू न पाया जाता तो नौ फरवरी 2024 की तरह ही बड़ा बवाल खड़ा हो सकता था।

Shweta Gupta

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