Narendra Modi announcement: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि राष्ट्रपति भवन परिसर में स्थापित ब्रिटिश वास्तुकार एडविन लुटियंस की प्रतिमा को हटाकर स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय गवर्नर-जनरल सी राजगोपालाचारी (राजाजी) की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता के दशकों बाद भी कुछ औपनिवेशिक प्रतीक प्रमुख स्थलों पर मौजूद हैं, जबकि देश के महान नेताओं को वह स्थान नहीं मिला जिसके वे हकदार हैं। उन्होंने इसे भारत की मानसिक और सांस्कृतिक स्वतंत्रता की दिशा में एक कदम बताया।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि देश अब गुलामी की मानसिकता से बाहर निकलने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि ‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ के दौरान लाल किले से दिए गए भाषण में उन्होंने ‘पंच-प्राण’ का आह्वान किया था, जिसमें उपनिवेशवादी सोच से मुक्ति का संकल्प शामिल था। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति भवन में स्थापित एडविन लुटियंस की प्रतिमा को हटाकर उसकी जगह राजाजी की प्रतिमा लगाई जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह परिवर्तन केवल एक प्रतिमा बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय मूल्यों और इतिहास के प्रति सम्मान का प्रतीक है।
सी. राजगोपालाचारी स्वतंत्र भारत के पहले और एकमात्र भारतीय गवर्नर-जनरल थे। वे स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे और अपने सिद्धांतों, सादगी तथा स्वतंत्र विचारों के लिए जाने जाते थे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राजाजी उन नेताओं में से थे जिन्होंने सत्ता को पद नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम माना। उनका संयमित जीवन, बौद्धिक स्पष्टता और राष्ट्र के प्रति समर्पण आज भी प्रेरणा देता है। प्रधानमंत्री के अनुसार, राष्ट्रपति भवन में उनकी प्रतिमा की स्थापना भारतीय लोकतंत्र और स्वाभिमान का प्रतीक होगी।
प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि 23 फरवरी को राष्ट्रपति भवन के केंद्रीय प्रांगण में राजाजी की प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। इस अवसर को ‘राजाजी उत्सव’ के रूप में मनाया जाएगा। इसके अलावा 24 फरवरी से 1 मार्च तक एक विशेष प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी, जिसमें राजगोपालाचारी के जीवन, विचारों और योगदान को दर्शाया जाएगा। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अवसर मिलने पर प्रदर्शनी अवश्य देखें और इतिहास के इस महत्वपूर्ण अध्याय को जानें।
एडविन लुटियंस एक प्रसिद्ध ब्रिटिश वास्तुकार और नगर योजनाकार थे। उन्होंने सर हर्बर्ट बेकर के साथ मिलकर नई दिल्ली के कई प्रमुख भवनों की रूपरेखा तैयार की थी। राष्ट्रपति भवन, नॉर्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक और इंडिया गेट जैसे स्मारकीय ढांचे उनके डिजाइन का हिस्सा हैं। राजधानी के एक हिस्से को ‘लुटियंस दिल्ली’ भी कहा जाता है, जो सत्ता और अभिजात वर्ग के प्रतीक के रूप में जाना जाता है। अब राष्ट्रपति भवन में प्रस्तावित यह बदलाव औपनिवेशिक विरासत से आगे बढ़कर भारतीय पहचान को केंद्र में लाने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।
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