कनाडा के जवाबी टैरिफ के बाद अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक तनाव और बढ़ गया है।
नई दिल्ली: अमेरिका की टैरिफ नीति के खिलाफ कनाडा ने बड़ा कदम उठाया है। दोनों देशों के बीच व्यापार को लेकर चल रही बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। इसके बाद कनाडा ने अमेरिका से आयात होने वाले सैकड़ों उत्पादों पर जवाबी शुल्क लगा दिया।
कनाडा की ओर से लगाए गए नए टैरिफ में 629 उत्पाद शामिल हैं। इन सामानों का कुल आयात मूल्य करीब 27.6 अरब कनाडाई डॉलर है। यह रकम लगभग 20 अरब अमेरिकी डॉलर के बराबर है।
कनाडा ने अलग-अलग उत्पादों के लिए टैरिफ की दर तय की है। इनकी शुरुआत 15 फीसदी से होती है और अधिकतम शुल्क 50 फीसदी तक है।
स्टील, फर्नीचर, कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उत्पाद नई सूची में शामिल हैं। कनाडा ने पहले 874 उत्पादों पर शुल्क लगाने का प्रस्ताव दिया था। हालांकि अंतिम सूची में बदलाव किया गया।
मछली और समुद्री खाद्य पदार्थों की 254 श्रेणियों को सूची से बाहर कर दिया गया। वहीं, 9 अन्य उत्पादों को अंतिम सूची में जोड़ा गया।
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने नए टैरिफ लागू होने के बाद देश के लोगों और कारोबारियों से अमेरिका पर निर्भरता कम करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि कनाडा के पास अपनी आर्थिक दिशा बदलने की क्षमता और संसाधन मौजूद हैं। कार्नी ने यह भी स्वीकार किया कि इस बदलाव की कुछ आर्थिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।
हालांकि, उनका कहना है कि मौजूदा स्थिति में कोई कदम नहीं उठाना कनाडा के लिए ज्यादा नुकसानदेह साबित हो सकता है।
कनाडाई अधिकारियों के मुताबिक, जवाबी टैरिफ का उद्देश्य अमेरिकी सरकार पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है। इसका असर अमेरिका के उन उद्योगों पर पड़ सकता है, जो कनाडा के बाजार पर निर्भर हैं।
मिशिगन और ओहियो जैसे राज्यों के उद्योगों को इस फैसले से खास तौर पर प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
कनाडा का नया फैसला अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ के जवाब में आया है। अमेरिकी शुल्क का असर कनाडा से आने वाले कई उत्पादों पर पड़ा था।
इनमें वाइन, फर्नीचर, डेयरी उत्पाद, सीमेंट, कपड़े, फिशिंग रॉड और हॉकी से जुड़े सामान शामिल हैं। अब कनाडा के जवाबी कदम से दोनों देशों के बीच व्यापार विवाद और गहरा गया है।
अमेरिका-कनाडा के बीच बढ़ते तनाव का असर अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा समझौते यानी USMCA पर भी पड़ सकता है।
यह समझौता तीनों देशों के बीच व्यापार को आसान बनाने के लिए किया गया था। ऐसे में लगातार बढ़ते टैरिफ से इसके भविष्य और व्यापारिक व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ रही है।
कनाडा के कुल निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी करीब 68 फीसदी है। हालांकि USMCA के तहत मिली छूट के कारण इस साल कनाडा के लगभग 80 फीसदी निर्यात पर कोई शुल्क नहीं लगा है।
कनाडा के जवाबी टैरिफ के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रुख भी सख्त बना हुआ है। ट्रंप ने कनाडाई विमान निर्माता बॉम्बार्डियर को लेकर कहा है कि कंपनी अमेरिका में विमान तभी बेच पाएगी, जब वह वहां उत्पादन शुरू करेगी।
हालांकि, इस संबंध में अभी कोई औपचारिक आदेश जारी नहीं किया गया है।
ट्रंप ने कनाडा की कारों, ट्रकों और ऑटोमोबाइल पार्ट्स पर अमेरिकी शुल्क को 1 जनवरी से बढ़ाकर 50 फीसदी करने की चेतावनी भी दी है।
ऐसे में दोनों देशों के बीच टैरिफ की यह लड़ाई आगे और बढ़ सकती है। इसका असर अमेरिका और कनाडा के कारोबारियों के साथ-साथ दोनों देशों के उपभोक्ताओं पर भी पड़ने की संभावना है।
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