Thursday, Sep 03

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चमोली में 5 दिन बाद खत्म हुआ रेस्क्यू टनल धंसने से कुल 10 मजदूरों की मौत, 12 घायल

Chamoli Tunnel Accident: उत्तराखंड के चमोली जिले में पीपलकोटी टनल हादसे के बाद पिछले पांच दिनों से चल रहा राहत और बचाव अभियान अब खत्म हो गया है। रेस्क्यू टीमों ने टनल के अंदर फंसे आखिरी लापता मजदूर का शव बरामद कर लिया है। इस हादसे में कुल 10 मजदूरों की मौत हुई है, जबकि 12 मजदूर घायल हुए हैं। आखिरी शव को पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी औपचारिकताओं के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर भेज दिया गया है।

13 अगस्त को टनल में घुसा था पानी और मलबा

यह हादसा 13 अगस्त 2026 को हाट-सियासैंण, मायापुर (पीपलकोटी) क्षेत्र में निर्माणाधीन THDC की 444 मेगावाट क्षमता वाली टेल रेस टनल में हुआ था। अचानक टनल के भीतर पानी और बड़ी मात्रा में मलबा घुसने के कारण वहां काम कर रहे 22 मजदूर फंस गए थे। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, NDRF और SDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं और संयुक्त रूप से बचाव अभियान शुरू किया गया।

पानी और मलबे के बीच चला रेस्क्यू

टनल के भीतर कई फीट तक मलबा और पानी जमा होने के कारण बचाव दल के सामने बड़ी चुनौती थी। अंदर पहुंचने के लिए लगातार मलबा हटाया गया और पानी की निकासी की गई। रेस्क्यू अभियान के दौरान बड़े सक्शन पंप और आधुनिक उपकरणों की मदद ली गई। बचाव दल ने दिन-रात काम करते हुए टनल के अलग-अलग हिस्सों में तलाश जारी रखी। मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद टीमों ने अभियान को लगातार आगे बढ़ाया।

12 घायल मजदूर अस्पताल में भर्ती

हादसे में घायल हुए 12 मजदूरों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं, टनल में फंसे अन्य मजदूरों की तलाश लगातार जारी रही। पांच दिनों तक चले अभियान के बाद आखिरी लापता मजदूर का शव भी बरामद कर लिया गया। शव मिलने के बाद उसे जिला चिकित्सालय गोपेश्वर भेजा गया, जहां पोस्टमार्टम सहित जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।

प्रशासन और रेस्क्यू टीमों ने संभाला मोर्चा

बचाव अभियान के दौरान जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहे। रेस्क्यू टीमों के बीच समन्वय बनाकर मलबा हटाने, पानी निकालने और अंदर फंसे मजदूरों की तलाश का काम किया गया। अधिकारियों की निगरानी में अभियान के लिए जरूरी संसाधनों और उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। लगातार पांच दिनों तक चले अभियान के बाद आखिरी मजदूर का शव बरामद होने के साथ ही रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त कर दिया गया है।

हादसे ने खड़े किए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

चमोली का यह हादसा निर्माणाधीन सुरंगों में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े करता है। हादसे में 10 मजदूरों की जान चली गई और 12 अन्य घायल हुए। अब राहत एवं बचाव अभियान पूरा होने के बाद हादसे के कारणों और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा भी महत्वपूर्ण होगी।

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