Chile Embassy in Iran: चिली ने ईरान को लेकर बड़ा राजनयिक फैसला लिया है। चिली सरकार ने ऐलान किया है कि वह 31 अगस्त से ईरान में अपना दूतावास बंद कर देगी। हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि दूतावास बंद करने के फैसले का मतलब दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध खत्म करना नहीं है।
सुरक्षा हालात के बीच चिली ने लिया फैसला
चिली के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, तेहरान में दूतावास बंद होने के बाद ईरान में रह रहे चिली के नागरिकों से जुड़े काम तुर्की के अंकारा स्थित चिली के वाणिज्य दूतावास के जरिए किए जाएंगे। मंत्रालय ने बताया कि दूतावास बंद करने के पीछे कामकाज में बदलाव, संसाधनों को दूसरी प्राथमिकताओं में लगाने और मध्य-पूर्व की मौजूदा सुरक्षा स्थिति को लेकर एहतियात बरतना प्रमुख वजहें हैं। चिली का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब विदेश मंत्री फ्रांसिस्को पेरेज़ मैकेना चीन की आधिकारिक यात्रा पर हैं। चीन चिली का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।
चिली के राष्ट्रपति कास्ट की नीतियां ट्रंप के करीब
चिली के दक्षिणपंथी राष्ट्रपति जोस एंटोनियो कास्ट ने मार्च में सत्ता संभाली थी। उनकी सरकार की कई नीतियां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के रुख के करीब मानी जाती हैं। हालांकि, हाल के दिनों में चिली सरकार के कुछ मंत्रियों ने लैटिन अमेरिका को लेकर अमेरिका की नीतियों पर सवाल भी उठाए हैं।

