Conflict between BJP and its allies increased in Uttar Pradesh
Sanjay nishad : उत्तर प्रदेश की सियासत में एक नया मोड़ आ गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली बीजेपी सरकार के तीन प्रमुख सहयोगी दलों के नेताओं ने हाल ही में गठबंधन को लेकर तीखी टिप्पणी की है,जिससे राज्य की सियासी हलचलों में उथल-पुथल मच गई है. निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद ने गोरखपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पार्टी को उनसे कोई फायदा नहीं है तो वह गठबंधन तोड़ने को तैयार हैं.
संजय निषाद ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी अपने स्थानीय नेताओं से उनके खिलाफ बयानबाजी करवा रही है, जो कि माहौल को खराब कर रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी को यह समझने की जरूरत है कि जैसे वह ओम प्रकाश राजभर से राजभर समाज का वोट और आरएलडी से जाट समाज का वोट हासिल करती है, वैसे ही निषाद पार्टी ने भी बीजेपी को निषाद समाज का समर्थन दिलाया है. हालांकि, बीजेपी के कुछ नेता उनके खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं, जो गठबंधन में दरार डालने का कारण बन रहे हैं.
संजय निषाद ने यह भी कहा कि बीजेपी के नेताओं की इस घटिया राजनीति को अगर नहीं रोका गया,तो आगे गठबंधन को बनाए रखना मुश्किल हो जाएगा. निषाद ने यह बयान सिर्फ अपनी पार्टी के लिए नहीं,बल्कि ओम प्रकाश राजभर की सुभासपा और जयंत चौधरी की आरएलडी के लिए भी दिया.
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इस बयान के बाद बीजेपी में खलबली मच गई और पार्टी के कई बड़े नेता,जिसमें प्रदेश अध्यक्ष और संगठन महामंत्री शामिल हैं,संजय निषाद से संपर्क कर रहे हैं. बीजेपी के नेताओं ने उनसे पूछा कि गोरखपुर में ऐसा बयान देने की वजह क्या रही,खासकर तब जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गृह क्षेत्र है. संजय निषाद का आरोप है कि बीजेपी अपने निषाद चेहरों को आगे कर निषाद पार्टी को कमजोर करने की साजिश कर रही है. उन्होंने बीजेपी के कुछ नेताओं का नाम भी लिया, जिनमें मंत्री जयप्रकाश निषाद और साध्वी निरंजन ज्योति शामिल हैं,जिनके बयान उनके खिलाफ थे.
हालांकि,संजय निषाद ने यह भी कहा कि निषाद पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव 2027 के लिए तैयार है. उन्होंने 31 अगस्त को जनजाति दिवस मनाने की घोषणा की जिसमें निषाद समाज की एकजुटता दिखाई जाएगी. निषाद पार्टी के इस आयोजन को लेकर बीजेपी के नेताओं ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी, जो संजय निषाद के लिए एक और कारण बना उनका बयान देने का.संजय निषाद ने यह भी याद दिलाया कि 2018 में जब सपा-बसपा गठबंधन के बावजूद बीजेपी को जीत मिली थी,तो निषाद पार्टी ने उसका समर्थन किया था. अब,निषाद पार्टी इस बात को लेकर आश्वस्त है कि वह 2027 के चुनाव में बीजेपी के लिए अहम भूमिका निभा सकती है.
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