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केरल : ‘बस के पैसे नहीं, पर बच्चा प्राइवेट स्कूल में पढ़ता है’; मंत्री जी के ‘ज्ञान’ से लोगों में गुस्‍सा

by | Aug 4, 2026 | केरल

CP John Controversy: केरल के परिवहन मंत्री सी.पी. जॉन का एक बयान राज्य में नई राजनीतिक बहस का कारण बन गया है। महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा योजना को लेकर आयोजित एक कार्यक्रम में मंत्री ने लोगों की खर्च संबंधी प्राथमिकताओं पर टिप्पणी की, जिसके बाद उनके बयान की सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक व्यापक आलोचना हो रही है।

क्या कहा था मंत्री ने

केरल बस ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए सी.पी. जॉन ने कहा कि राज्य के लोगों के उपभोग और खर्च करने के तरीके को समझना आसान नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई परिवार आर्थिक तंगी की बात करते हैं, लेकिन अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाना पसंद करते हैं, जबकि सरकारी स्कूलों में सीटें उपलब्ध हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में यही परिवार सरकारी अस्पतालों का रुख करते हैं, क्योंकि निजी अस्पतालों का खर्च उठाना उनके लिए मुश्किल होता है। उनके अनुसार शिक्षा, स्वास्थ्य और सार्वजनिक परिवहन को लेकर लोगों के निर्णय कई बार विरोधाभासी दिखाई देते हैं।

बयान पर क्यों बढ़ा विवाद

मंत्री के इस बयान को कई लोगों ने महिलाओं और निम्न आय वर्ग के परिवारों की परिस्थितियों को समझे बिना की गई टिप्पणी बताया। आलोचकों का कहना है कि परिवार अपने बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए निजी स्कूलों का चयन करते हैं और इसे केवल आर्थिक फैसले के रूप में नहीं देखा जा सकता। सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में लोगों ने मंत्री के बयान पर आपत्ति जताई। कई यूजर्स ने कहा कि आम परिवार शिक्षा को प्राथमिकता देते हैं और इसके लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाने को भी तैयार रहते हैं।

सफाई के बावजूद नहीं थमा विवाद

विवाद बढ़ने के बाद मंत्री सी.पी. जॉन ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी महिला या परिवार का मजाक उड़ाना नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे केवल कामकाजी और मध्यम वर्गीय परिवारों के सामने मौजूद आर्थिक चुनौतियों की ओर ध्यान दिलाना चाहते थे। हालांकि उन्होंने अपना बयान वापस लेने से इनकार कर दिया।

क्या है प्रियदर्शिनी योजना

केरल सरकार ने 15 जून 2026 से 'प्रियदर्शिनी योजना' लागू की है। इस योजना के तहत राज्य की महिलाओं और ट्रांसजेंडर नागरिकों को केएसआरटीसी की सामान्य बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जा रही है। सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य महिलाओं की आवाजाही को आसान बनाना और सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ बनाना है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज

मंत्री के बयान के बाद विपक्षी दलों ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार को आम लोगों की आर्थिक परेशानियों को समझने की जरूरत है, जबकि सत्तापक्ष का कहना है कि मंत्री के बयान को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है।
केरल में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना को लेकर सरकार जहां अपनी कल्याणकारी नीतियों को आगे बढ़ाने का दावा कर रही है, वहीं परिवहन मंत्री के बयान ने एक नई बहस छेड़ दी है। यह विवाद केवल एक बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और सार्वजनिक सुविधाओं को लेकर आम परिवारों की प्राथमिकताओं पर भी सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना होगा कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में राजनीतिक रूप से कितना प्रभाव डालता है।

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