दुनिया

क्राउन प्रिंस रजा पहलवी का ईरानी सेना से अपील, कहा- प्रर्शनकारियों का समर्थन करें

Iran Protest: ईरान में बीते 16 दिनों से जारी हिंसक प्रदर्शनों के बीच निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने आंदोलन का समर्थन करते हुए ईरानी सेना से प्रदर्शनकारियों के साथ खड़े होने की अपील की है। वहीं, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के बयानों ने भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय मे हलचल बढ़ा दी है। ईरान में सुरक्षा बलों की प्रदर्शन में शामिल लोगों पर कार्रवाई से हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। कट्टरपंथी सरकारी की दमनपूर्वक कार्रवाई में अबतक 600 से अधिक मौतें हुई और 10,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।

रजा पहलवी का प्रदर्शनों पर आया मेसेज

निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी का ईरान में हिंसक प्रदर्शनों और मौत की खबरों पर मेसेज आया है। उन्होंने कहा दुनिया ने ईरानी जनता की आवाज और साहस को न केवल देखा-सुना है, बल्कि अब उस पर प्रतिक्रिया भी दे रही है। उन्होंने कहा कि लोगों ने शायद अमेरिका के राष्ट्रपति का संदेश भी सुन लिया होगा और 'मदद आ रही है।' पहलवी ने प्रदर्शनकारियों से संघर्ष जारी रखने और शासन को यह भ्रम न फैलाने देने की अपील की कि हालात सामान्य हैं। उन्होंने कहा कि मानवाधिकार संगठन ईरान ह्यूमन राइट्स का दावा है कि ईरान में कम से कम 648 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है।

रजा पहलवी ने ईरानी सेना को याद दिलाई अपनी ड्यूटी

रजा पहलवी ने अपने मेसेज में ईरानी सेना को देश के प्रति अपनी ड्यूटी को याद दिलाया। उन्होंने कहा कि सेना ईरान की राष्ट्रीय सेना है, न कि इस्लामी गणराज्य की। उन्होंने कहा कि देशवासियों की जान की रक्षा करना सेना की ड्यूटी है और उनके पास ज्यादा समय नहीं है। पहलवी ने सैनिकों से जल्द से जल्द आंदोलन का हिस्सा बनने का आह्वान किया।

मदद को लेकर ट्रंप का आया था बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक ताज़ा पोस्ट में लिखा, "ईरानी देशभक्तों, प्रदर्शन जारी रखो, अपने संस्थानों पर कब्ज़ा करो। हत्यारों और अत्याचार करने वालों के नाम याद कर लो। उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।" उन्होंने आगे लिखा, "मैंने ईरानी अधिकारियों के साथ सभी बैठकें फिलहाल रद्द कर दी हैं। इसकी वजह प्रदर्शनकारियों की बेमतलब हत्याएं हैं. हमारी मदद रास्ते में है।"

कैसा है ईरान के अस्पतालों का हाल

ईरान में हिसंक विरोध प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों के बड़ी संख्या में मारे जाने और घायल होने से वहां के अस्पतालों पर काफ़ी दबाव पड़ रहा है और हालात बिगड़ते जा रहे हैं। इसके चलते अस्पतालों में मेडिकल सामान और खून की भारी कमी है।

Shagun Chaurasia

Recent Posts

IIT बॉम्बे छात्र की मौत के बाद माता-पिता का अनशन, ‘प्रताड़ित करने वालों’ पर कार्रवाई की मांग

IIT Bombay Student Death: IIT बॉम्बे के 20 वर्षीय BTech छात्र के माता-पिता ने मुंबई…

10 hours ago

‘वोट चोरी’ से होती है ‘कानून चोरी’: राहुल गांधी बोले- सांसदों के बनाए कानून भी अवैध

Rahul Gandhi Vote Chori Allegation: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को मुख्य…

10 hours ago

AI की रफ्तार बढ़ी तो बढ़ेगा ई-कचरा, 2050 तक हर साल 6.1 करोड़ टन तक निकल सकता है वेस्ट

AI E-Waste: दुनिया में AI का इस्तेमाल बढ़ने के साथ डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग मशीनों…

11 hours ago

मेरठ सेंट्रल मार्केट के 650 व्यापारियों को राहत, सरकार लाएगी विशेष पुनर्वास नीति

Meerut: मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट के ध्वस्तीकरण से प्रभावित करीब 650 व्यापारियों को…

12 hours ago

गोवा में वोटर डिलीट करने के बाद नाम नहीं हो सका बहाल; EC ने Form 7 का दिया हवाला

ECINet Voter Deletion Rollback: चुनाव आयोग ने India Today को बताया कि ECINet सिस्टम में…

12 hours ago

‘देशभर में होगा प्रदर्शन’: CJP ने CEC ज्ञानेश कुमार से 48 घंटे में की इस्तीफे की मांग

CJP Gyanesh Kumar Resignation Demand: नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर Cockroach Janta Party (CJP)…

12 hours ago