राजस्थान

चेतावनी के बावजूद नहीं जागा प्रशासन, दो दिन पहले दी गई थी जानकारी

Jaipur SMS Hospital Fire : राजधानी के सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल में हुई आग की घटना के बाद अब प्रशासनिक लापरवाही के चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। ट्रॉमा सेंटर के इंचार्ज डॉक्टर ने अस्पताल प्रशासन को पहले ही चेतावनी दे दी थी कि वार्ड में करंट फैलने की समस्या है, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। नतीजा यह हुआ कि रविवार देर रात आईसीयू में आग लगने से छह मरीजों की दर्दनाक मौत हो गई।

पहले ही मिल चुकी थी करंट की सूचना

जानकारी के अनुसार, ट्रॉमा सेंटर के इंचार्ज ने करीब दो दिन पहले ही अस्पताल अधीक्षक को लिखित में सूचित किया था कि सेंटर के कुछ हिस्सों में करंट फैलने की समस्या है। उन्होंने यह भी बताया था कि चल रहे निर्माण कार्यो के कारण बिजली उपकरणों को नुकसान पहुंच सकता है। इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन ने न तो जांच की और न ही मरम्मत के कोई ठोस कदम उठाए।

बारिश के पानी से फैला करंट

9 सितंबर को भेजे गए एक पत्र में डॉक्टर ने स्पष्ट रूप से लिखा था कि सेंटर में बारिश के पानी का रिसाव हो रहा है। इस रिसाव की वजह से दीवारें गीली हो गई हैं और बिजली के बोर्ड में करंट फैल रहा है। उन्होंने तत्काल मरम्मत और निर्माण कार्य रोकने की मांग की थी ताकि किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।

डॉ. अनुराग धाकड़ ने भी लिखा था लेटर

इतना ही नहीं, 3 अक्टूबर को भी ट्रॉमा सेंटर के नोडल अधिकारी डॉ. अनुराग धाकड़ ने विद्युत एवं अभियांत्रिकी शाखा को एक और पत्र लिखा था। इसमें बताया गया था कि निर्माण कार्य के दौरान लापरवाही बरती जा रही है और डक्ट, वीआरवी सिस्टम जैसे कई जरूरी उपकरणों को नुकसान पहुंचने का खतरा है। मलबा सीधे उपकरणों पर गिर रहा है, जिससे इनकी सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।

शॉर्ट सर्किट से लगी आग, प्रशासन की बड़ी चूक

फिर भी अस्पताल प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया। रविवार रात ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। देखते ही देखते वार्ड में धुआं भर गया और छह मरीजों की जान चली गई। प्राथमिक जांच में यही सामने आया है कि यह हादसा बिजली प्रणाली की खराबी से हुआ।, जिसकी आशंका पहले ही जताई जा चुकी थी।

ये भी पढ़े – Jaipur SMS Hospital Fire : पीड़ित परिजनों ने लगाया आरोप, अस्पताल में नहीं था फायर सेफ्टी उपकरण

अब इस घटना के बाद अस्पताल (Jaipur SMS Hospital Fire) प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते चेतावनी को गंभीरता से लिया जाता, तो इतनी बड़ी घटना को टाला जा सकता था।

Shweta Gupta

Recent Posts

बेटी के अंतिम संस्कार में फूट-फूटकर रोईं मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, CM हेमंत सोरेन भी हुए शामिल

झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की छोटी बेटी त्रिशा सिंह का…

14 seconds ago

गुलिस्तान बॉर्डर पर घमासान, पाकिस्तानी सैनिकों के चौकियां छोड़ने का दावा

Pakistan Afghanistan Border Clash: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया…

10 minutes ago

जम्मू-कश्मीर में किताबों पर क्यों लगा बैन? विधानसभा से लेकर हाई कोर्ट तक छिड़ी महाजंग, जानिए कारण

Jammu Kashmir Books Ban: जम्मू-कश्मीर में सरकारी लाइब्रेरी से हजारों किताबें हटाए जाने का मामला…

12 minutes ago

Trump on BRICS: ट्रंप का रुख क्यों बदला? BRICS में मोदी-Xi-पुतिन की तस्वीरों से क्यों बढ़ी हलचल?

Trump on BRICS: ब्रिक्स 2026 के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी…

26 minutes ago

बिहार: पर्यटन स्थल पर 6 युवकों ने महिला से की बदसलूकी और छेड़छाड़, कैमरे में कैद हुई घटना; केस दर्ज

Bihar: बिहार के बांका जिले में सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के आधार पर…

35 minutes ago

फ्लाइट से पहले पायलट को नशे में मिलना पड़ा भारी, एयर इंडिया ने किया निलंबित

Air India Pilot Suspended: स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख से दिल्ली आने वाली एयर इंडिया की उड़ान…

42 minutes ago