उत्तराखंड

धामी सरकार का बड़ा एक्शन, सरकारी ज़मीन पर बनी अवैध मजार पर चला बुलडोज़र… इलाके में तनाव का माहौल

Dhami Government: उत्तराखंड की धामी सरकार ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अवैध कब्ज़े हों या बिना अनुमति बने धार्मिक ढांचे जीरो टॉलरेंस नीति से कोई नहीं बच सकता। रुड़की के पिरान कलियर क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की जमीन पर अवैध तरीके से बनाई गई मजार पर मंगलवार को प्रशासन ने बुलडोज़र चला दिया। कार्रवाई इतनी संवेदनशील थी कि इलाके को सुरक्षा घेरा बनाकर पूरी तरह सील कर दिया गया।

नोटिस के बाद भी नहीं हटाया कब्ज़ा

जानकारी के अनुसार, जिस भूमि पर यह धार्मिक संरचना बनाई गई थी, वह स्वास्थ्य विभाग के नाम दर्ज सरकारी जमीन है। कई महीनों से यहां अवैध कब्ज़े की शिकायतें मिल रही थीं। प्रशासन ने कब्जाधारियों को नोटिस भी जारी किया, लेकिन निर्धारित समय सीमा के बाद भी निर्माण नहीं हटाया गया।
जिसके बाद जिला प्रशासन ने बिना देरी किए ध्वस्तीकरण का अंतिम आदेश जारी कर दिया।

भारी सुरक्षा फोर्स तैनात

सुबह होते ही ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक सेठ के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। कार्रवाई शुरू होते ही पुलिस, PAC व अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात कर इलाके की घेराबंदी कर दी गई। किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस ड्रोन कैमरों से भी इलाके पर नज़र रख रही थी।
थोड़ी ही देर में बुलडोज़र ने अवैध मजार को पूरी तरह ढहा दिया और सरकारी भूमि को मुक्त करा लिया गया।

ज्वाइंट मजिस्ट्रेट का बयान

दीपक सेठ ने मीडिया को बताया “यह कार्रवाई पूरी तरह विधिसम्मत है। अवैध कब्जेधारियों को नोटिस दिया गया था। लेकिन जवाब नहीं मिलने पर नियमों के अनुसार ध्वस्तीकरण किया गया। सरकारी भूमि पर किसी भी तरह का अवैध धार्मिक निर्माण बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगा।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन आगे भी ऐसे अवैध कब्जों पर सख्त कार्रवाई करता रहेगा। धामी सरकार का संदेश साफ है अवैध कब्ज़ा होगा तो बुलडोज़र भी चलेगा, यह कदम उत्तराखंड में चल रहे वृहद एंटी-एन्क्रोचमेंट अभियान का हिस्सा है। हाल ही में कई जिलों में सरकारी जमीनों को कब्ज़े से मुक्त कराया गया है।

रुड़की की यह कार्रवाई साफ संदेश देती है कि सरकारी जमीन पर कब्ज़ा नहीं चलेगा बिना अनुमति धार्मिक निर्माण भी नहीं बचेगा और कानून तोड़ने वालों को किसी हाल में राहत नहीं मिलेगी। पिरान कलियर में आज का बुलडोज़र उस सख्ती की एक और मिसाल बन गया है।

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Shagun Chaurasia

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