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Gen-Z आंदोलन ने दिलाया धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा…राहुल बोले ‘छात्रों की जीत’, जानिए बाकी नेताओं के रिएक्शंस

Dharmendra Pradhan Resignation Reactions: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और आंदोलन से जुड़े लोगों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। इसी बीच आंदोलन से जुड़े CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने सरकार के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि "झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।" उन्होंने इसे छात्रों के लंबे संघर्ष और एकजुटता की जीत बताया।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर क्या बोले अभिजीत दीपके, सोनम वांगचुक, और राहुल गांधी संग विपक्ष के अन्य नेता

अभिजीत दीपके

अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर जश्न मनाते हुए कहा कि अमेरिका से यात्रा शुरू करने पर लोग इसके परिणाम पर सवाल उठा रहे थे, लेकिन उनके संघर्ष के आगे धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। इस्तीफे के साथ प्रधान ने एक पत्र भी सार्वजनिक किया। कॉकरोच जनता पार्टी ने एक्स पर इसे 'लोकतंत्र की जीत' बताया। एक वीडियो में कैनुला लगी होने के बावजूद दीपके फोन पर बात करते, समर्थकों के साथ झूमते और मंच से उन्हें संबोधित करते नजर आए।

सोनम वांगचुक

सोनम वांगचुक ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लोकतंत्र, शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत बताया। उन्होंने Gen-Z और देशभर के नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि अब जवाबदेही के बाद सुधारों की बारी है।

अरविंद केजरीवाल

अरवल केजरीवाल ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लोकतंत्र की ऐतिहासिक जीत बताते हुए इसे युवाओं और 'जेन-जी' के लंबे संघर्ष का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि जनता लंबे समय से अपनी मांगों के लिए सरकारों के सामने गिड़गिड़ाने को मजबूर थी, जिससे तंत्र पर भरोसा घट रहा था। लेकिन इस कड़े संघर्ष ने आखिरकार अहंकार को जनता की ताकत के आगे झुका दिया और साबित किया कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सर्वोपरि है, सरकारों को उसकी सुननी ही पड़ेगी।

मनीष सिसोदिया

मनीष सिसोदिया ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश की युवा शक्ति और Gen-Z को सलाम है। उन्होंने इसे आंदोलनकारियों की जीत बताते हुए कहा कि एक भ्रष्ट शिक्षामंत्री को इस्तीफा देना पड़ा और मोदी को Gen-Z के सामने झुकना पड़ा।

शशि थरूर

शशि थरूर ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लोकतंत्र में जवाबदेही की जीत बताया। उन्होंने कहा कि छात्रों, अभिभावकों और नागरिकों के शांतिपूर्ण विरोध के बाद यह फैसला आया, लेकिन इस्तीफा ही अंत नहीं है। अब पारदर्शी सुधार और संस्थागत जवाबदेही जरूरी है, ताकि युवाओं का भविष्य फिर खतरे में न पड़े।

अखिलेश यादव

अखिलेश सोनम वांगचुकयादव ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को युवाओं और नई पीढ़ी की जीत बताया। उन्होंने कहा कि सरकार को आखिरकार झुकना पड़ा। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर फैसला लेना ही था तो छात्रों से बातचीत कर इसे पहले ही क्यों नहीं किया गया, क्योंकि पेपर लीक के बाद छात्रों की जान भी जा चुकी थी।

प्रकाश राज

प्रकाश राज ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कहा, “मेरे प्यारे कॉकरोचों और सोनम वांगचुक समेत युवाओं के साथ खड़े हर व्यक्ति को बधाई। आपने साबित कर दिया कि जनता किसी भी सरकार को घुटने टेकने पर मजबूर कर सकती है।”

प्रियंका गांधी वाड्रा

प्रियंका गांधी वाड्रा ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कहा कि भारत के युवाओं ने अपनी आवाज दबाने वालों से देश को वापस लेने की शुरुआत कर दी है। उन्होंने इसे जनता की ताकत की जीत बताते हुए युवाओं से हमेशा मजबूत, निडर और अपने अधिकारों के लिए खड़े रहने की अपील की।

राहुल गांधी

राहुल गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की दिशा में बड़ा कदम बताया और छात्रों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को छात्रों से माफी मांगनी चाहिए और हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने लोगों से संवैधानिक तरीके से अपने अधिकारों के लिए खड़े होने और सरकार को हटाने का आह्वान किया।

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