Sawan2025
Kavad Yatra 2025 : कांवड़ यात्रा हिंदू धर्म का एक पवित्र त्योहार है। इसमें भगवान शिव के भक्त गंगा नदी से पानी भरते हैं और पैदल चलकर अपने नजदीकी शिव मंदिर में जल चढ़ाते हैं। यह यात्रा सावन महीने में होती है और पूरे उत्तर भारत में बहुत मशहूर है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कांवड़ यात्रा की शुरूआत कैसे हुई। यह यात्रा दुनियां की सबसे बड़ी यात्राओं में से एक है। हर साल सावन के महीने में यह शुरू होती है।
कहते हैं कि बहुत पहले समुद्र मंथन के समय विष निकल गया था। इस विष से सारी दुनिया को खतरा था। भगवान शिव ने दुनिया को बचाने के लिए सारा विष पी लिया था। लेकिन विष की गर्मी को शांत करने के लिए देवताओं और भक्तों ने उन्हें गंगा जल चढ़ाया। तभी से शिवजी को गंगाजल चढ़ाने की परंपरा शुरू हुई।
एक और कहानी के अनुसार, भगवान परशुराम ने सबसे पहले गंगा से जल लाकर शिवलिंग का अभिषेक किया था। उन्होंने कांवड़ में जल भरकर इसे शिवजी को अर्पित किया था। इसी वजह से आज भी लोग कांवड़ में गंगाजल भरकर भगवान शिव को चढ़ाते हैं।
जानकारी के लिए आपको बता दें कि सावन का महीना भगवान शिव को बहुत प्रिय है। माना जाता है कि इस महीने में शिव को जल चढ़ाने से आपकी सारी मनोकामना पूरी होती है और बुरे कामों से मुक्ति भी मिलती है। इसलिए इस महीने में लोग खासतौर पर कांवड़ यात्रा करते हैं।
कांवड़ यात्रा सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि आस्था, मेहनत का प्रतीक है। भक्त कई किलोमीटर पैदल चलकर भी पूरे उत्साह और भक्ति के साथ यह यात्रा पूरी करते हैं।
Meerut: मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट के ध्वस्तीकरण से प्रभावित करीब 650 व्यापारियों को…
ECINet Voter Deletion Rollback: चुनाव आयोग ने India Today को बताया कि ECINet सिस्टम में…
CJP Gyanesh Kumar Resignation Demand: नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर Cockroach Janta Party (CJP)…
Kanpur Vineet Minocha Murder Case: कानपुर के फार्मा कारोबारी विनीत मनोचा की हत्या की जांच…
IIT Bombay Sahil Wakode Case: IIT बॉम्बे में छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के बाद…
Pakistan Afghanistan Airstrike: पाकिस्तान ने गुरुवार तड़के अफगानिस्तान में 10 ठिकानों पर एयर और ड्रोन…