Doctor told how lifestyle and diet are becoming a threat to pregnancy
Healthy Pregnancy Tips : आजकल महिलाओं में प्रेगनेंसी के दौरान फर्टिलिटी की दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। बदलती लाइफस्टाइल और खानपान की वजह से महिलाओं को प्रेग्नेंट होने में कई साल भी लग जाते हैं। ऐसी परेशानियों से लगातार जूझने के बाद भी न जाने क्यों महिलाएं अपना ख्याल नहीं रख पाती हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों हो रहा है। इन्हीं कारणों की वजह से कई बार बच्चा पैदा करने में महिलाओं को कई साल भी लग जाते हैं। इस समस्या के कारण और बचाव के तरीकों के बारे में जानने के लिए हमने बात की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मीरा पाठक से। आइये जानते हैं कि उन्होंने इसके बारे में क्या बताया…
डॉ. मीरा पाठक के अनुसार, “बदलती लाइफस्टाइल और खानपान की वजह से महिलाओं की फर्टिलिटी पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। कुछ मुख्य कारण हैं :
– तनाव : तनाव के कारण हार्मोनल असंतुलन हो सकता है, जिससे फर्टिलिटी प्रभावित होती है। इसलिए फर्टिलिटी न होने की वजह कई बार स्ट्रेस होता है। यह ज्यादातर महिलाओं में पाया जाता है।
– अस्वस्थ खानपान : जंक फूड और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का सेवन करने से शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी हो सकती है, जिससे फर्टिलिटी प्रभावित होती है। इसलिए डॉक्टर हमेशा बाहर के खाने को अवॉइड करने की सलाह देते हैं।
– व्यायाम की कमी : आजकल महिलाएं नौकरी करने की वजह से एक तो स्ट्रेस रहती हैं, साथ में काम करने के समय पूरे दिन एक कुर्सी में बैठने की वजह से बॉडी को भी कई बीमारियां जकड़ लेती है। समय न मिलने के कारण कोई नियमित व्यायाम नहीं कर पाते हैं। नियमित व्यायाम न करने से वजन बढ़ सकता है, जिससे फर्टिलिटी प्रभावित होती है।
– पीसीओएस: पीसीओएस एक आम समस्या है जिसमें हार्मोनल असंतुलन होता है, जिससे फर्टिलिटी प्रभावित होती है। इसके लक्षण दिखते ही लड़कियों का तुरंत अपने डॉक्टर से सलाह ले लेनी चाहिए।
डॉ. मीरा पाठक के अनुसार, “महिलाएं अपनी फर्टिलिटी को बढ़ाने के लिए इन तरीकों का पालन कर सकती हैं:
– स्वस्थ खानपान: ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज और लीन प्रोटीन का सेवन करना चाहिए।
– नियमित व्यायाम: नियमित व्यायाम करने से वजन नियंत्रित रहता है और फर्टिलिटी बढ़ती है।
– तनाव प्रबंधन: योग, ध्यान और अन्य प्रबंधन तकनीकों का पालन करने से तनाव कम होता है। तनाव हमारे शरीर को काफी दिक्कत देता है।
– नियमित स्वास्थ्य जांच: नियमित स्वास्थ्य जांच कराने से समस्याओं का पता लगाया जा सकता है और उनका इलाज किया जा सकता है। अगर समय पर जांच हो जाती है तो इससे बीमारी का पता लगते ही उसका इलाज हो सकता है।
आखिर में डॉक्टर ने बताया कि बदलती लाइफस्टाइल और खानपान की वजह से महिलाओं की फर्टिलिटी पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। लेकिन स्वस्थ खानपान, नियमित व्यायाम, तनाव प्रबंधन और नियमित स्वास्थ्य जांच के द्वारा महिलाएं अपनी फर्टिलिटी को बढ़ा सकती हैं। यदि आप भी फर्टिलिटी की समस्याओं का सामना कर रही हैं, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें और उनकी सलाह का पालन करें। ऐसा करने के सालों साल चलने वाली प्रॉब्लम आसानी से सॉल्व हो जाती है।
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