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उम्मीदवार के साथ बस 5 छात्र, ‘वॉल ऑफ डेमोक्रेसी’ पर प्रचार पूरी तरह बदल गया DUSU चुनाव

by | Aug 19, 2026 | News Featured

DUSU Election Rules:दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन और दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। नॉर्थ और साउथ कैंपस समेत आसपास के इलाकों में 500 से ज्यादा CCTV कैमरों से 24 घंटे निगरानी की जा रही है। इस बार चुनाव प्रचार के तरीके में भी कई बदलाव किए गए हैं।

छपे पोस्टर और पर्चों पर पूरी तरह रोक

डीयू प्रशासन ने चुनाव प्रचार के दौरान छपे हुए पोस्टर और पर्चों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। प्रत्याशी केवल तय की गई 'वॉल ऑफ डेमोक्रेसी' पर हाथ से बने पोस्टर लगा सकेंगे। विश्वविद्यालय के सभी 54 कॉलेजों के प्राचार्यों से 10x10 फीट की दो दीवारें तैयार करने को कहा गया है, जहां प्रत्याशियों को प्रचार की अनुमति होगी।

प्रत्याशी के साथ सिर्फ 5 छात्र

इस बार प्रचार के दौरान उम्मीदवार के साथ अधिकतम 5 छात्र ही मौजूद रह सकेंगे। महिला कॉलेजों में केवल छात्राओं को प्रचार की अनुमति होगी। प्रशासन का उद्देश्य प्रचार के दौरान भीड़ और अव्यवस्था को रोकना है। डीयू के प्रॉक्टर प्रो. मनोज कुमार सिंह ने कहा कि चुनाव में लिंगदोह समिति के नियमों का पालन अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर प्रत्याशी का नामांकन रद्द किया जा सकता है। गंभीर स्थिति में चुनाव भी रद्द किया जा सकता है।

गाड़ी में शराब मिली तो नामांकन रद्द

प्रशासन ने साफ किया है कि यदि किसी उम्मीदवार की गाड़ी में शराब या कोई मादक पदार्थ पाया जाता है तो उसका नामांकन तत्काल रद्द किया जा सकता है। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और दीवारों को गंदा करने पर भी कार्रवाई होगी।

सोशल मीडिया पर भी पुलिस की नजर

दिल्ली पुलिस के एसीपी राजेंद्र प्रसाद के मुताबिक, चुनाव के दौरान पुलिसकर्मी वर्दी और सादे कपड़ों दोनों में तैनात रहेंगे। गलत पार्किंग, काले शीशे वाली गाड़ियों और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा पुलिस का साइबर क्राइम सेल सोशल मीडिया पर चुनाव से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखेगा। छात्राओं की सुरक्षा के लिए कैंपस के साथ आसपास के पीजी इलाकों में भी निगरानी बढ़ाई जाएगी। इसमें NCC और NSS कैडेटों की मदद ली जाएगी।

शांतिपूर्ण चुनाव कराने पर जोर

डीयू प्रशासन का कहना है कि इन सख्त नियमों का उद्देश्य किसी उम्मीदवार को परेशान करना नहीं, बल्कि चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और नियमों के मुताबिक कराना है। सुरक्षा से लेकर प्रचार तक इस बार डूसू चुनाव में पहले के मुकाबले काफी सख्ती देखने को मिल रही है।

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