बिहार चुनाव

पहचान पत्र नहीं होने पर भी कर सकेंगे मतदान, EC ने जारी की 12 वैकल्पिक पहचान पत्रों की सूची

Bihar Election 2025 : चुनाव आयोग ने शुक्रवार को एक अहम घोषणा की। अब अगर किसी मतदाता के पास वोटर आईडी कार्ड (ईपिक) नहीं है, तो वह फिर भी वोट डाल सकता है, अगर उसका नाम वोटर लिस्ट में दर्ज है। ऐसे लोगों के लिए आयोग ने 12 वैकल्पिक पहचान पत्रों की सूची जारी की है। इन पहचान पत्रों में से कोई एक दिखाकर मतदान किया जा सकता है।

कौन-कौन से पहचान पत्र मान्य होंगे ?

चुनाव आयोग ने कहा है कि निम्नलिखित दस्तावेजों में से कोई एक पहचान के लिए मान्य होगा :

  1. आधार कार्ड
  2. मनरेगा जॉब कार्ड
  3. बैंक या डाकघर द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक
  4. श्रम मंत्रालय या आयुष्मान भारत योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड
  5. ड्राइविंग लाइसेंस
  6. पैन कार्ड
  7. राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) का स्मार्ट कार्ड
  8. भारतीय पासपोर्ट
  9. फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज
  10. सरकारी या सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा जारी सेवा पहचान पत्र
  11. सांसद/विधायक/विधान पार्षद का आधिकारिक पहचान पत्र
  12. यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (UDID) कार्ड

ईपिक नहीं तो भी मतदान संभव, लेकिन नाम वोटर लिस्ट में जरूरी

चुनाव आयोग ने यह साफ किया है कि वोट डालने के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि मतदाता का नाम वोटर लिस्ट में होना चाहिए। अगर किसी व्यक्ति का नाम लिस्ट में नहीं है, तो वह पहचान पत्र दिखाने के बाद भी वोट नहीं डाल सकता।

नई व्यवस्था क्यों की गई?

चुनाव आयोग ने यह कदम उन लोगों की सुविधा के लिए उठाया है जो किसी कारणवश अपना मतदाता फोटो पहचान पत्र नहीं ला सके हैं, लेकिन उनका नाम वोटर लिस्ट में है। इससे मतदाता अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।

बिहार में लगभग सभी को मिल चुका है ईपिक

आयोग ने बताया कि बिहार में लगभग 100% मतदाताओं को ईपिक कार्ड जारी कर दिए गए हैं। साथ ही, यह भी निर्देश दिए गए हैं कि नए मतदाताओं को वोटर लिस्ट के अंतिम प्रकाशन के 15 दिनों के भीतर ईपिक दे दिया जाए।

पर्दानशीं महिलाओं के लिए खास व्यवस्था

चुनाव आयोग ने घूंघट या बुर्का पहनने वाली महिलाओं के लिए भी खास निर्देश दिए हैं। ऐसी महिलाओं की पहचान महिला अधिकारियों या सहायिकाओं की उपस्थिति में गोपनीय और सम्मानपूर्वक तरीके से की जाएगी। इससे उनकी निजता और गरिमा बनी रहेगी।

चुनाव आयोग का यह फैसला मतदान प्रक्रिया को ज्यादा सरल और समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे उन लोगों को राहत मिलेगी जो पहचान पत्र नहीं ला सके लेकिन अपना वोट डालना चाहते हैं।

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Kajal Sharma

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