ED Raid: बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को कई जगहों पर कार्रवाई की। गया की Ramnandi Hotels and Resorts Ltd (RHRL) से जुड़े मामले में बिहार, गुरुग्राम और दिल्ली के 9 ठिकानों पर तलाशी ली गई। ED की यह कार्रवाई PMLA की धारा 17 के तहत की गई।
जांच का फोकस बैंक लोन के कथित दुरुपयोग और फंड डायवर्जन पर है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि लोन की रकम का इस्तेमाल तय उद्देश्य के अलावा कहीं और तो नहीं किया गया।
गया की होटल कंपनी पर ED की कार्रवाई
ED की पटना इकाई ने RHRL और उससे जुड़े लोगों के परिसरों की तलाशी ली। कंपनी गया में स्थित है और मामले में करीब 85 करोड़ रुपये के बैंक लोन की जांच की जा रही है।
शुक्रवार की कार्रवाई में गया में 6 स्थानों पर छापेमारी हुई। इसके अलावा गुरुग्राम में 2 और नई दिल्ली में एक परिसर को जांच के दायरे में लिया गया।
जांच एजेंसी इस मामले में बैंक रिकॉर्ड, दस्तावेजों और संपत्तियों से जुड़े लेनदेन की जानकारी जुटा रही है।
58 करोड़ रुपये के डायवर्जन का आरोप
जांच में करीब 58 करोड़ रुपये की लोन राशि के कथित डायवर्जन का मामला सामने आया है। आरोप है कि रकम का इस्तेमाल उस उद्देश्य के लिए नहीं किया गया, जिसके लिए बैंक से लोन लिया गया था।
ED यह भी जांच रही है कि लोन हासिल करने के दौरान प्रोजेक्ट से जुड़े दस्तावेजों और रिपोर्ट में कोई गड़बड़ी की गई थी या नहीं।
हालांकि, ये सभी आरोप जांच एजेंसी के दावे हैं। मामले की अंतिम कानूनी स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
गिरवी संपत्तियों की बिक्री भी जांच के घेरे में
मामले में लोन के बदले गिरवी रखी गई संपत्तियों को लेकर भी जांच की जा रही है। ED को संदेह है कि कुछ संपत्तियों को बाद में बेच दिया गया।
एजेंसी कथित बिक्री की कीमत और वास्तविक बाजार मूल्य के बीच अंतर की भी जांच कर रही है। कुछ खरीदारों की वित्तीय क्षमता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
ED यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं इन लेनदेन में वास्तविक खरीदारों के बजाय किसी अन्य व्यक्ति या संस्था का इस्तेमाल तो नहीं हुआ।
अपराध से जुड़ी रकम 131 करोड़ से ज्यादा बताई गई
मामले में सीबीआई की चार्जशीट के आधार पर अपराध से जुड़ी राशि करीब ₹131.79 करोड़ बताई गई है। ED अब इस रकम से जुड़े मनी ट्रेल और संपत्तियों की जांच कर रही है।
एजेंसी को यह भी आशंका है कि जांच आगे बढ़ने से पहले कुछ संपत्तियों को बेचने या हटाने की कोशिश की गई हो सकती है।
SREI से जुड़े मामले में भी ED की कार्रवाई
इसी दौरान ED की कोलकाता जोनल टीम ने SREI समूह से जुड़े एक अलग मामले में भी तलाशी अभियान चलाया। जांच कथित फर्जी लोन, फंड डायवर्जन और भुगतान में अनियमितताओं से जुड़ी है।
इस कार्रवाई में ARSS और AMR समूह से जुड़े परिसरों को भी जांच के दायरे में लिया गया है। हैदराबाद में AMR India से जुड़े परिसरों पर ED की कार्रवाई की भी रिपोर्ट सामने आई है।
फंड डायवर्जन और राउंड-ट्रिपिंग की जांच
ED यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या लोन की रकम को अलग-अलग कंपनियों और बैंक खातों के जरिए घुमाया गया। एजेंसी कथित फंड डायवर्जन और राउंड-ट्रिपिंग के एंगल से भी जांच कर रही है।
जांच के दौरान वित्तीय दस्तावेज, बैंक लेनदेन और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। इन मामलों में आगे की कार्रवाई जांच से सामने आने वाले सबूतों पर निर्भर करेगी।
फिलहाल गया के होटल समूह से जुड़े मामले में 9 ठिकानों पर हुई तलाशी के बाद ED की जांच जारी है।

