देश

यूसुफ़ अंसारी के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू, सैयद नसीर हुसैन ने उठाए देश और संसद के महत्वपूर्ण सवाल

India News 24X7 Exclusive Interview: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैयद नसीर हुसैन ने न्यूज़ इंडिया 24X7 पर कंसल्टिंग एडिटर युसूफ अंसारी
के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में संसद सत्र, विपक्ष और हालिया अंतरराष्ट्रीय एवं आर्थिक मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। हुसैन कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी होने के साथ जम्मू-कश्मीर और लद्दाख मामलों के प्रभारी हैं, और राज्यसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक भी हैं। इंटरव्यू में सैयद नासिर हुसैन ने बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए कहा कि राहुल गांधी देश के लिए नहीं, बल्कि BJP और RSS की राजनीति के लिए चुनौती हैं। क्या यह बयान राजनीति में नया नैरेटिव सेट करेगा? क्या विपक्ष बनाम सत्तापक्ष की टकराहट और तेज होगी?

संसद में गतिरोध और विपक्ष की भूमिका

हुसैन ने कहा कि संसद की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाना सरकार की जिम्मेदारी है। अगर सदन बार-बार बाधित होता है, तो इसका मतलब है कि सरकार संसद की कारवाई को संचालित करने में नाकाम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विपक्ष का काम सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करना और लोगों की आवाज़ संसद में उठाना है। वे बताते हैं कि लोकतांत्रिक परंपरा में "राइट टू प्रोटेस्ट एंड राइट टू डिसरप्ट" को मान्यता प्राप्त है। विपक्ष सवाल पूछने, बड़े मुद्दों को उठाने और सरकार से जवाब मांगने का अधिकार रखता है। जब सरकार इन सवालों से बचती है, तो संसद में तनाव और बाधा उत्पन्न होती है।

सैयद नसीर हुसैन ने आरोप लगाया कि कुछ केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद विपक्षी नेताओं के खिलाफ अत्यधिक आक्रामक रवैया अपनाते हैं, जैसे कि लीडर ऑफ़ अपोज़िशन पर आरोप लगाना कि वे "देश के लिए खतरा" हैं और उन पर आजीवन चुनाव प्रतिबंध लगाने की मांग करना। वे इसे लोकतंत्र और विपक्ष की आवाज़ दबाने के प्रयास के रूप में देखते हैं।

अंतरराष्ट्रीय मामलों और यूएस डील पर नजरिया

हुसैन ने इंडो-यूएस डील और तेल आयात पर कांग्रेस की स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि भारत को अपने राष्ट्रीय हित के आधार पर निर्णय लेना चाहिए, न कि अमेरिका के दबाव में। उदाहरण के लिए:

• रूस और ईरान से तेल खरीदने को लेकर अमेरिकी दबाव आया, लेकिन भारत को अपनी जरूरत और सस्ते विकल्प पर ध्यान देना चाहिए।
• अमेरिका से 500 बिलियन डॉलर की डील के तहत उपकरण खरीदने के निर्णय को वे केवल अमेरिका के ट्रेड लाभ के नजरिए से गलत मानते हैं।
• इस डील का असर भारतीय किसानों और कृषि उत्पादों पर पड़ेगा, क्योंकि अमेरिकी उत्पाद फ्री ड्यूटी आयात होंगे और घरेलू किसान प्रतिस्पर्धा में कमजोर होंगे।

हुसैन का कहना है कि सरकार इस मामले में पारदर्शिता और संसद में चर्चा देने में असफल रही है। विपक्ष की भूमिका इस असंतुलन को उजागर करना है।

आर्थिक मुद्दे और टैरिफ़

वर्तमान में टैरिफ़ कम होने (23% से 18%) के मुद्दे पर हुसैन ने बताया कि यह वास्तव में प्रभावी रूप से 15% का बढ़ा हुआ बोझ है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीज़ल कीमतों की तरह टैरिफ़ में छोटे बदलाव जनता के लिए मायने नहीं रखते, लेकिन सरकार इसे बढ़ावा देने का तरीका खोजती है।

चुनाव और संसदीय प्रणाली पर टिप्पणियाँ

सैयद नसीर हुसैन ने कहा कि कांग्रेस ने 2024 के लोकसभा चुनाव में 99 सीटें जीतकर जनता तक अपनी बात पहुँचाने में सफलता हासिल की, लेकिन संगठनात्मक कमजोरियों और संसाधनों की कमी ने पूरी सफलता नहीं दिलाई।

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में बीजेपी और उनके सहयोगियों ने एजेंसियों और संस्थानों का दुरुपयोग किया, जैसे-

वोटर लिस्ट में हेरफेर (डिलीशन और ऐडिशन)
विपक्षी नेताओं के खिलाफ दबाव और डराने-धमकाने की कोशिशें
चुनावी फंडिंग का असंतुलित वितरण

हुसैन ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र का सही मूल्य तब ही सुरक्षित रहेगा जब जनता सचेत रहे और संवैधानिक अधिकारों के लिए खड़े रहे।

बीजेपी और कांग्रेस की तुलना

हुसैन ने पूर्व प्रधानमंत्रियों इंदिरा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी का उदाहरण देकर कहा कि उनके समय में सरकार और नेता जनता से जुड़े थे, सवालों के जवाब देते थे और लोकतंत्र की प्रक्रिया का सम्मान करते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार में प्रधानमंत्री को सवालों से ऊपर रखा गया और विपक्ष की आवाज़ दबाई जा रही है।

सैयद नसीर हुसैन का स्पष्ट संदेश है:

  1. विपक्ष का कर्तव्य है जनता की आवाज़ संसद में उठाना।
  2. सरकार का काम है पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना।
  3. देश के राष्ट्रीय हित में निर्णय लेने चाहिए, विदेशी दबाव में नहीं।
  4. लोकतंत्र तभी जीवित रहेगा जब जनता और विपक्ष सक्रिय रहेंगे।

वे कांग्रेस और विपक्ष के दृष्टिकोण को जनता तक पहुँचाने की आवश्यकता पर जोर देते हैं और कहते हैं कि लोकतंत्र में बहुमत महत्वपूर्ण है, लेकिन यह बहुमत संविधान और पारंपरिक नियमों के उल्लंघन का बहाना नहीं बन सकता।

ये भी पढ़ें: शकील अहमद ने बताई कांग्रेस की अंदरूनी कहानी, राणा यशवंत के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में किए विस्फोटक खुलासे

Shagun Chaurasia

Recent Posts

बेटी के अंतिम संस्कार में फूट-फूटकर रोईं मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, CM हेमंत सोरेन भी हुए शामिल

झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की छोटी बेटी त्रिशा सिंह का…

11 minutes ago

गुलिस्तान बॉर्डर पर घमासान, पाकिस्तानी सैनिकों के चौकियां छोड़ने का दावा

Pakistan Afghanistan Border Clash: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया…

21 minutes ago

जम्मू-कश्मीर में किताबों पर क्यों लगा बैन? विधानसभा से लेकर हाई कोर्ट तक छिड़ी महाजंग, जानिए कारण

Jammu Kashmir Books Ban: जम्मू-कश्मीर में सरकारी लाइब्रेरी से हजारों किताबें हटाए जाने का मामला…

23 minutes ago

Trump on BRICS: ट्रंप का रुख क्यों बदला? BRICS में मोदी-Xi-पुतिन की तस्वीरों से क्यों बढ़ी हलचल?

Trump on BRICS: ब्रिक्स 2026 के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी…

38 minutes ago

बिहार: पर्यटन स्थल पर 6 युवकों ने महिला से की बदसलूकी और छेड़छाड़, कैमरे में कैद हुई घटना; केस दर्ज

Bihar: बिहार के बांका जिले में सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के आधार पर…

46 minutes ago

फ्लाइट से पहले पायलट को नशे में मिलना पड़ा भारी, एयर इंडिया ने किया निलंबित

Air India Pilot Suspended: स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख से दिल्ली आने वाली एयर इंडिया की उड़ान…

53 minutes ago