Gaurav Gogoi NTA Question: NEET पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता को लेकर संसद में जारी बहस के दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान उन्होंने सरकार की मंशा, NTA की कार्यप्रणाली और परीक्षा सुधारों को लेकर कई सवाल उठाए।
गौरव गोगोई ने कहा कि सरकार इस मुद्दे को लेकर गंभीर दिखाई नहीं देती। उनके अनुसार, नया संशोधन विधेयक परीक्षा प्रणाली में वास्तविक बदलाव लाने के बजाय एक औपचारिक कदम जैसा लगता है। उन्होंने कहा कि यदि पहले से मौजूद कानून प्रभावी होता, तो दोबारा पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने नहीं आतीं। कांग्रेस सांसद ने दावा किया कि सरकार को केवल नए कानून लाने के बजाय उसकी प्रभावी निगरानी और क्रियान्वयन पर ध्यान देना चाहिए।
अपने भाषण के दौरान गोगोई ने सबसे बड़ा सवाल राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को लेकर उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने NTA से जुड़े 47 अधिकारियों पर कार्रवाई या बदलाव की बात कही है, जबकि एजेंसी में स्वीकृत पदों की संख्या ही 34 बताई जाती है। उन्होंने पूछा कि यदि कई पद पहले से खाली हैं, तो फिर 47 अधिकारियों पर कार्रवाई का दावा किस आधार पर किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से इस संबंध में स्पष्ट जानकारी देने की मांग की।
गोगोई ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए पहले भी समितियां बनाई गई थीं। उन्होंने पूछा कि पूर्व में गठित समितियों की सिफारिशों पर कितना अमल हुआ और यदि सुधार किए गए थे तो फिर परीक्षा संबंधी विवाद दोबारा क्यों सामने आए। उन्होंने कहा कि छात्रों और अभिभावकों का भरोसा बहाल करने के लिए पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था जरूरी है।
कांग्रेस सांसद ने छात्र आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में युवा परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों के साथ सख्ती बरती गई और कुछ घटनाओं में अत्यधिक बल प्रयोग के आरोप भी सामने आए। गोगोई ने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों की आवाज को सुना जाना चाहिए और उनकी चिंताओं का समाधान संवाद के जरिए किया जाना चाहिए।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में सुधार केवल कानून बनाने से नहीं होगा, बल्कि संस्थागत जवाबदेही और निष्पक्ष व्यवस्था से आएगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि परीक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली, भर्ती प्रक्रिया और सुरक्षा तंत्र की व्यापक समीक्षा की जाए।
पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा इस समय देश की राजनीति के केंद्र में बना हुआ है। लोकसभा में हुई इस बहस के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। आने वाले दिनों में इस विधेयक और परीक्षा सुधारों को लेकर संसद में और चर्चा होने की संभावना है।
लोकसभा में गौरव गोगोई के भाषण ने एक बार फिर परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता, NTA की भूमिका और छात्रों की चिंताओं को राष्ट्रीय बहस का विषय बना दिया है। अब सभी की नजर सरकार के जवाब और शिक्षा व्यवस्था में प्रस्तावित सुधारों पर टिकी हुई है।
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